Tuesday, June 23, 2026 09:58:45 PM

प्रतिबंध हटते ही टेलीग्राम फिर हुआ बहाल
अस्थायी प्रतिबंध के बाद फिर शुरू हुआ टेलीग्राम, मैसेज एडिटिंग फीचर पर रोक जारी

सरकार द्वारा तय समयसीमा पूरी होने के बाद टेलीग्राम की सेवाएं बहाल कर दी गईं। हालांकि मैसेज एडिटिंग फीचर पर 30 जून तक रोक जारी रहेगी। नीट री-एग्जाम के बाद कोई नई शिकायत सामने नहीं आई है।

अस्थायी प्रतिबंध के बाद फिर शुरू हुआ टेलीग्राम मैसेज एडिटिंग फीचर पर रोक जारी
प्रतिबंध हटते ही टेलीग्राम फिर हुआ बहाल |

सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा पूरी होने के बाद 22 जून की आधी रात को टेलीग्राम की सेवाएं बहाल कर दी गईं। कुछ मौजूदा यूजर्स को यह प्लेटफॉर्म पहले से सीमित रूप से उपलब्ध था, लेकिन मंगलवार सुबह से इसे आधिकारिक तौर पर फिर से एक्सेस किया जा सका। हालांकि एपल ऐप स्टोर पर यह सुबह करीब 10 बजे तक उपलब्ध नहीं था। इस संबंध में एपल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

टेलीग्राम पर क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?

केंद्र सरकार ने 16 जून 2026 को टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। यह कदम नीट परीक्षा से जुड़े कथित फर्जी प्रश्नपत्रों, भ्रामक जानकारी और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली धोखाधड़ी गतिविधियों को रोकने में प्लेटफॉर्म की कथित विफलता के बाद उठाया गया था।

सरकारी अधिकारियों ने 3 जून को टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था। इसके बाद सरकार ने टेलीग्राम के ऐप, वेब वर्जन और उससे जुड़े लिंक को 22 जून तक ब्लॉक करने का आदेश जारी किया था।

मैसेज एडिटिंग फीचर अभी भी बंद

हालांकि टेलीग्राम को पूरी तरह राहत नहीं मिली है। प्लेटफॉर्म के मैसेज एडिटिंग फीचर पर फिलहाल रोक जारी है। सरकार ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह 30 जून तक इस फीचर को बंद रखे। बताया जा रहा है कि जांच पूरी होने तक इस सुविधा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

री-नीट के बाद नहीं मिली नई शिकायत

21 जून को आयोजित नीट पुनर्परीक्षा के बाद अब तक पेपर लीक या किसी नई धोखाधड़ी की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। इसी वजह से टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया गया और निर्धारित समय पूरा होने पर सेवाएं बहाल कर दी गईं।

टेलीग्राम के सीईओ ने जताई आपत्ति

इस दौरान टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने भारत सरकार के फैसले की सार्वजनिक रूप से आलोचना की। उनका कहना था कि कुछ यूजर्स द्वारा कथित रूप से लीक सामग्री साझा किए जाने के कारण पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कंपनी के प्रतिद्वंद्वी प्लेटफॉर्म्स की ओर से टेलीग्राम के खिलाफ लॉबिंग की गई हो सकती है।

आगे और सख्त हो सकते हैं नियम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर सरकारों और टेक कंपनियों के बीच बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

ऐसे में माना जा रहा है कि भविष्य में टेलीग्राम समेत अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए फर्जी सूचनाओं, परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी और अवैध कंटेंट पर रोक लगाने को लेकर और कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं।


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