नोएडा। बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने हिंडन एयरपोर्ट पर आयोजित यात्री सेवा दिवस कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
एयरपोर्ट प्रबंधन और यमुना प्राधिकरण के अनुसार अब केवल फिनिशिंग कार्य बाकी है। करीब 6,000 कर्मचारी दिन-रात काम में जुटे हैं। उड़ानों के लिए आवश्यक सभी ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।
इस एयरपोर्ट का कंसेशन 1 अक्टूबर 2021 को 40 वर्षों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और ज्यूरिख कंपनी के बीच हुआ था। एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होगा। पहले चरण में 1,334 हेक्टेयर भूमि पर एक रनवे और एक टर्मिनल तैयार है, जिसकी वार्षिक क्षमता 12 मिलियन यात्रियों की होगी।
एयरपोर्ट का मुख्य द्वार बनारस के घाटों की तर्ज पर और बाहरी सीढ़ियां वाराणसी व हरिद्वार के घाटों से प्रेरित हैं। इसमें भारतीय संस्कृति और खासतौर पर उत्तर प्रदेश की झलक साफ दिखाई देगी।
उद्घाटन के बाद यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी। अकासा एयर और इंडिगो ज्यूरिख कंपनी के साथ एमओयू कर चुकी हैं। साथ ही, एक बड़ा मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है, जो इंपोर्ट-एक्सपोर्ट को नई गति देगा।
नोएडा एयरपोर्ट पूरी तरह डिजिटल होगा। यहां इनडोर नेविगेशन, पैसेंजर फ्लो मैनेजमेंट, स्मार्टफोन चेक-इन, बैगेज ड्रॉप और हर चेकप्वाइंट पर डिजिटल प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध होंगी।
भविष्य में टर्मिनल-1 की क्षमता 30 मिलियन और टर्मिनल-2 की 40 मिलियन यात्रियों की होगी। सभी चरण पूरे होने पर एयरपोर्ट सालाना 70 मिलियन यात्रियों और 1.2 मिलियन टन कार्गो क्षमता के साथ देश का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनेगा।