सांकेतिक तस्वीर | पाठकराज
पाठकराज
ग्रेटर नोएडा। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा जिले की लगभग 750 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। बीते साल दिसंबर 2024 में चलाए गए पल्स पोलियो अभियान में ड्यूटी करने के बावजूद इन कार्यकर्ताओं को अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। करीब आठ महीने बाद भी हर कार्यकर्ता को औसतन 600 रुपये की बकाया राशि नहीं मिली है।
बजट शासन से आया, पर अधिकारियों ने लौटा दिया
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का आरोप है कि अभियान के तुरंत बाद शासन से बजट आ गया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और टालमटोल के चलते समय पर भुगतान नहीं हुआ। मार्च 2024 में वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर बजट शासन को वापस कर दिया गया। संघ के जिला प्रभारी एचएस निमेश ने कहा कि यह सीधी लापरवाही है, जिसके चलते सैकड़ों महिलाओं को मेहनताना नहीं मिला।
11 बार की गुहार, अब तक नतीजा शून्य
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जनवरी 2025 से अब तक 11 बार ज्ञापन और प्रार्थना पत्र देकर अधिकारियों से गुहार लगाई। इनमें मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा, महानिदेशक चिकित्सा को भेजे गए पत्रों के साथ-साथ जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और संपूर्ण समाधान दिवस पर भी आवेदन शामिल हैं। इसके बावजूद अब तक भुगतान नहीं हुआ। हाल ही में 1 सितंबर को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने एक बार फिर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
सीएमओ ने दी सफाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बजट वापसी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा— “पल्स पोलियो अभियान में ड्यूटी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विभाग को शासन से बजट प्राप्त नहीं हुआ है। भुगतान के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार भेजा गया है। बजट प्राप्त होते ही कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में राशि स्थानांतरित कर दी जाएगी।”