नोएडा। उत्तर प्रदेश की चर्चित हस्ती, बाहुबली पूर्व सांसद और उद्योगपति डीपी यादव के बड़े बेटे विकास यादव (50) ने शुक्रवार को 28 साल की हर्षिका यादव से शादी कर ली। गाजियाबाद के राजनगर स्थित आलीशान आवास पर यह शादी आर्य समाजी विधि से बेहद सादगी के बीच संपन्न हुई।
सादगी इसलिए, क्योंकि दूल्हा फिलहाल जेल का मेहमान है और शादी में "बाराती" की जगह पैरोल आदेश सबसे खास दस्तावेज़ साबित हुआ।
प्यार और पैरोल का संगम
गौरतलब है कि विकास यादव वही हैं, जिन्हें देश ने नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी के रूप में जाना। उम्र कैद की सजा काट रहे विकास इन दिनों सुप्रीम कोर्ट की मेहरबानी से पैरोल पर बाहर हैं। वजह? मां की तबीयत नाज़ुक है और उनकी सेवा-भावना दिखाने के लिए बेटे को जेल से छुट्टी चाहिए थी।
लेकिन सेवा का पहला कदम मां के बिस्तर के पास नहीं, बल्कि शादी के मंडप से शुरू हुआ।
कासगंज से गाजियाबाद – शादी का रूट बदला, वजह कोर्ट
पहले यह शादी कासगंज जिले की न्योली शुगर मिल में होनी थी। मगर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन न हो, इसलिए विवाह स्थल राजनगर स्थित यादव निवास में शिफ्ट कर दिया गया। अदालत का डर भी कैसा होता है—कातिलों की बारात भी घर की चौखट तक सीमित हो जाती है।
‘आर्य समाजी’ पवित्रता और न्यायालय की इज्जत
पूर्व सांसद डीपी यादव ने कहा— “हम लोग आर्य समाज की परंपरा का पालन करते हैं, इसलिए विवाह आर्य समाजी रीति से हुआ।” दूल्हे विकास यादव का बयान और भी दिलचस्प रहा— “कोर्ट ने मुझे इंसाफ दिया है। मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं।” यानी अदालत के नाम पर अपराधी भी दूल्हे की तरह सज-धज कर खड़ा हो सकता है।
कौन हैं दुल्हन?
दुल्हन हर्षिका यादव (28) एमसीए की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता उदयराज सिंह, शिकोहाबाद के एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं और मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार बताए जाते हैं। यानी शादी में सियासत, शिक्षा और अपराध—तीनों का संगम साफ झलकता है।