Wednesday, March 11, 2026 12:23:35 PM

ऊर्जा मंत्री को भेजा गया प्रार्थना पत्र
हाई वोल्टेज पोल शिफ्टिंग को लेकर ग्रामीण की गुहार — जेई पर बजट बढ़ाने का आरोप

उत्तर प्रदेश के एक गांव में निवासी ने अपने प्लॉट से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन को शिफ्ट कराने की मांग की है, जिससे जानमाल को खतरा हो रहा है।

हाई वोल्टेज पोल शिफ्टिंग को लेकर ग्रामीण की गुहार — जेई पर बजट बढ़ाने का आरोप
शिकायत पत्र की फोटो | पाठकराज
पाठकराज

नोएडा। बागपत जनपद के गढ़ी कलंजरी गांव निवासी सुरेश चंद्र ने अपने प्लॉट के बीच से गुजर रही 11000 वोल्ट की हाई वोल्टेज लाइन के खंभों को शिफ्ट कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा को प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले में स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और टालमटोल रवैये के कारण न केवल निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि जानमाल को भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

सुरेश चंद्र का कहना है कि उनके बाउंड्रीवाले प्लॉट के बीचों-बीच से हाई वोल्टेज लाइन गुजर रही है, जिसके पोल काफी पुराने और जर्जर स्थिति में हैं। कई बार इन पोलों से चिंगारियां निकल चुकी हैं, जिससे प्लॉट में रखे अनाज में आग लग चुकी है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए विद्युत वितरण खंड-3 के अधिशासी अभियंता को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीण ने गंभीर आरोप लगाया कि स्थानीय जूनियर इंजीनियर (जेई) ने अपने निजी स्वार्थ के चलते जहाँ केवल 3 पोल शिफ्ट करने की आवश्यकता है, वहाँ 15 पोल का बजट प्रस्तावित कर दिया गया है। वहीं अधिशासी अभियंता की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीन पर अब तक कोई काम नहीं हुआ है।

सुरेश चंद्र के अनुसार, विभाग ने पहले पोल शिफ्टिंग के लिए 2.50 लाख रुपये का बजट बताया था। लेकिन जब उन्होंने लिखित रूप में खर्च का ब्यौरा मांगा, तो बजट बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया गया। विभाग की मांगों के अनुरूप उन्होंने शपथ पत्र भी जमा कर दिया है और अपनी आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद 1.50 लाख रुपये अपनी ओर से जमा कराने की सहमति भी दी है।

ग्रामीण ने ऊर्जा मंत्री से गुहार लगाई है कि स्थानीय अधिकारियों को निर्देश देकर न्यायपूर्ण कार्रवाई कराई जाए ताकि अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके और संभावित हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, विभागीय स्तर पर इस मामले में टालमटोल रवैया अपनाए जाने से ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है।


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