ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बाबा बालक दास महात्यागी की जिंदगी में 2001 का प्रयागराज कुंभ बेहद खास रहा। यहीं उनकी दोस्ती स्पेन की मारिया निवेश अल्यारेज से शादी के बंधन तक पहुंच गई। शादी के बाद उनके दो बच्चे हुए और परिवार स्पेन शिफ्ट हो गया। लेकिन विवाह प्रमाणपत्र में हुई एक छोटी सी टाइपिंग गलती ने बाबा को चार साल तक परिवार से दूर कर दिया।
नाम की गलती बनी बड़ी रुकावट
2022 में जिला प्रशासन द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र में बाबा का नाम "बालक दास" की जगह "बकाक दास" दर्ज कर दिया गया। इस गलती के चलते उनका पासपोर्ट और वीजा संबंधी काम अटक गया और वह पत्नी व बच्चों से मिलने स्पेन नहीं जा सके।
कलेक्ट्रेट में सुनाई पीड़ा, तुरंत हुआ सुधार
सूरजपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे बाबा बालक दास महात्यागी ने एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता को अपनी कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि मात्र एक टाइपिंग गलती के कारण वह चार साल से परिवार से नहीं मिल पाए। एसडीएम ने तत्काल नाम में संशोधन कर प्रमाणपत्र को सही कराया।
खुशी से झूम उठे बाबा
नाम सुधार होने पर बाबा बालक दास महात्यागी खुशी से झूम उठे। अब वह जल्द ही स्पेन जाकर अपनी पत्नी और बच्चों से मिल सकेंगे। एसडीएम ने कहा कि गलती सुधार दी गई है और अब पासपोर्ट व वीजा प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी।