ग्रेटर नोएडा। शारदा यूनिवर्सिटी की बीडीएस छात्रा ज्योति शर्मा की आत्महत्या मामले में जेल में बंद दोनों प्रोफेसर – डॉ. शैरी और डॉ. महेंद्र सिंह – को जिला अदालत ने जमानत दे दी है। दोनों पिछले एक महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में थे। अदालत ने अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों प्रोफेसरों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत को बताया गया कि ज्योति की कक्षाओं में उपस्थिति कम थी और वह पढ़ाई में पिछड़ रही थी। शिक्षकों ने उसे सुधारने की सलाह दी थी। साथ ही आरोप लगाया गया कि उसने प्रैक्टिकल फाइल पर फर्जी हस्ताक्षर किए थे, जिसके कारण उसे फटकार लगाई गई। बचाव पक्ष के अनुसार, छात्रा ने अवसाद में आकर आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
जांच के दायरे में कई नाम
ज्योति की मौत के बाद परिजनों की शिकायत पर नॉलेज पार्क कोतवाली में प्रोफेसर शैरी, महेंद्र, अनुराग अवस्थी, सुरभी, डीन एम. सिद्धार्थ और आशीष के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ-साथ साक्ष्य छिपाने का प्रयास भी किया गया। फिलहाल पुलिस जांच जारी है। छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि डॉ. शैरी और महेंद्र सर ने उसे अपमानित किया। उसने लिखा कि उसके जीवन की तरह इन दोनों का जीवन भी दुखद होना चाहिए। इस घटना के बाद छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।