नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में न्यायिक प्रक्रिया के साथ छल करने वाले दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना सूरजपुर क्षेत्र का है, जहां फर्जी नामों से जमानत देने का प्रयास किया गया। न्यायालय की सतर्कता से खुलासे के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
थाना सूरजपुर प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय में कार्यरत सत्र लिपिक सुबोध शर्मा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि वर्ष 2022 में थाना सेक्टर-58 पुलिस ने बदमाश आकाश व अन्य को गिरफ्तार किया था। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जमानत प्रदान की थी। लेकिन जांच में पाया गया कि 4 सितंबर 2015 को प्रस्तुत जमानती पत्रों में गलत जमानतदारों के हस्ताक्षर दर्ज किए गए थे।
जब जमानतियों को कोर्ट में पेश किया गया तो न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जमानत देने वाले व्यक्ति फर्जी नामों का इस्तेमाल कर रहे थे। इस पर न्यायालय ने 16 सितंबर 2025 को आदेश पारित कर अशोक उर्फ अश्वनी निवासी मोदीनगर, गाजियाबाद और मोनू पुत्र डालचंद निवासी मोदीनगर, गाजियाबाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि इससे पहले भी फर्जी जमानतदारों के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस और न्यायालय ऐसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।