सेक्टर 37 स्थित डॉ. राजश्री का चेंबर | पाठकराज
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नोएडा। पानीपत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को नोएडा में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रूण लिंग जांच (फीटस सेक्स डिटरमिनेशन) करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया। सेक्टर-37 स्थित लाल मार्केट में चल रहे एक क्लीनिक पर छापेमारी की गई। इस दौरान महिला डॉक्टर समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया।
पानीपत से पहुंची स्पेशल टीम
जानकारी के मुताबिक पानीपत स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम ने गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हरियाणा पुलिस और नोएडा पुलिस के द्वारा छापा मारा। यह कार्रवाई डॉ. राजश्री जसूजा के क्लीनिक पर की गई, जो भारत स्कैनिंग सेंटर के नाम से संचालित हो रहा था।
भ्रूण लिंग जांच के लिए 25 हजार रुपये वसूले
टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में पता चला कि भ्रूण लिंग जांच के लिए 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से पहले 5 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जबकि शुक्रवार को 20 हजार रुपये नकद लेकर जांच कराई गई। जांच के बाद बताया कि पेट में पल रहे भ्रूण को नवजात कन्या के रूप में हुई है।
पांच लोग हिरासत में
छापेमारी के दौरान क्लीनिक से महिला डॉक्टर समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपियों पर PCPNDT एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का बयान
गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि पानीपत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला स्वास्थ्य विभाग को संपर्क किया था और सेक्टर 37 स्थित क्लीनिक के बारे में बताया था। वहीं शुक्रवार को विशेष छापेमारी अभियान चलाते हुए क्लीनिक को सील करते हुए मशीन को भी कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर अपराध पर किसी भी हाल में रोक लगाना जरूरी है। इस तरह की अवैध गतिविधियाँ समाज में लिंगानुपात को बिगाड़ने के साथ ही कानून का सीधा उल्लंघन हैं।