ग्रेटर नोएडा। सिरसा गांव में हुई निक्की भाटी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने वायरल पांच वीडियो की सच्चाई जानने के लिए उन्हें आगरा और चंडीगढ़ स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा है। ये वीडियो अलग-अलग दिनों में बनाए गए और अलग-अलग समय में सोशल मीडिया पर वायरल हुए। पुलिस का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन वीडियो में दिखाया गया क्या सच है और किसने इन्हें वायरल किया।
वायरल वीडियो और जांच का महत्व
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि वीडियो कब बनाए गए, कब वायरल किए गए और इसके पीछे का उद्देश्य क्या था। यह वीडियो केस में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। पुलिस कई सवालों का जवाब खोज रही है, जैसे कि:
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वायरल वीडियो का मकसद क्या था?
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वीडियो में दिखाई गई घटनाएँ वास्तविक हैं या किसी तरह का फर्जी प्रचार है?
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सोशल मीडिया पर यह फैलाने वाला कौन था और क्यों?
मामला क्या है
सिरसा गांव में निक्की और उसकी बहन कंचन ससुराल में रहती थीं। निक्की की शादी विपिन भाटी से हुई थी, जबकि कंचन की शादी विपिन के भाई रोहित से हुई है। पुलिस और परिजनों के अनुसार, निक्की और विपिन के बीच संबंध ठीक नहीं थे और अक्सर झगड़े होते थे। 21 अगस्त को निक्की की आग लगने से मौत हो गई। आरोप है कि आग विपिन भाटी ने लगाई, जबकि विपिन के घरवालों का दावा है कि आग निक्की ने खुद लगाई। घटना के समय विपिन घर के बाहर दुकान पर था और वह सीसीटीवी कैमरे में कैद भी है। यह सीसीटीवी वीडियो केस में अहम साक्ष्य के रूप में काम आएगा।
पुलिस की कार्रवाई
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पुलिस ने घटना और वायरल वीडियो दोनों की जांच शुरू कर दी है।
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फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट आने के बाद वीडियो को केस में साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
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सोशल मीडिया और वायरल वीडियो के पीछे के मकसद की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो की सच्चाई सामने आने से मामले में भ्रम और अफवाहों को कम किया जा सकेगा और केस में न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित होगी।