घटनास्थल की फाइल फोटो | पाठकराज
पाठकराज
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हुए भीषण धमाके के बाद अब तक 12 मृतकों में से 8 की पहचान की जा चुकी है। प्रशासन ने शिनाख्त पूरी होने के बाद इन शवों को परिजनों के हवाले कर दिया है। वहीं, बाकी 4 शवों के डीएनए मिलान की प्रक्रिया अभी जारी है। सूत्रों के अनुसार, कुछ शव धमाके की तीव्रता के कारण बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे, जिससे उनकी पहचान प्रत्यक्ष रूप से संभव नहीं हो पाई। इन मामलों में डीएनए जांच के जरिए ही अंतिम पुष्टि की जा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कार में मिले शव के टुकड़े को लेकर भी जांच जारी है। इस टुकड़े का डीएनए सैंपल जम्मू-कश्मीर के एक डॉक्टर उमर से जोड़ा जा रहा है, जिन पर घटना से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। इसी कड़ी में डॉ. उमर की मां का डीएनए सैंपल लिया गया है, ताकि जांच एजेंसियां शव की पहचान पुख्ता कर सकें।
फॉरेंसिक टीम ने बताया कि डीएनए सैंपल्स को हाई-सिक्योरिटी लैब में भेजा गया है और अगले 48 घंटों में रिपोर्ट आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर शेष चार शवों की पहचान की जाएगी।
पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस मामले की हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि धमाके में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक अत्याधुनिक किस्म का था। जांच दल इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित किसी प्रयोगशाला या निजी विश्वविद्यालय की लैब का इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री तैयार करने के लिए किया गया था। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने घटना से जुड़ी जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी है और आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि —
“हम पूरी सावधानी के साथ शेष शवों की पहचान प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।”
दिल्ली धमाका मामले में अब तक दर्जनों लोगों से पूछताछ हो चुकी है और कई जगहों पर छापेमारी जारी है। जांच एजेंसियां जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपेंगी।