दूध डेयरी मालिक को लूटने वाले ड्राइवर और साला गिरफ्तार | पाठकराज
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ग्रेटर नोएडा। शहर में वफादारी के नाम पर पीठ पर चाकू घोंपने जैसी घटना सामने आई है। दूध डेयरी व्यवसायी जितेंद्र कुमार शर्मा के 10 लाख रुपये लूटने की साजिश उनके ही भरोसेमंद ड्राइवर उमेश कुमार और उसके साले पवन कुमार ने मिलकर रची थी। लेकिन दनकौर थाना पुलिस की सतर्कता ने इस फिल्मी साजिश का समय रहते खुलासा कर दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 लाख रुपये नकद, अवैध हथियार और दोनों गाड़ियां बरामद की गई हैं।
साजिश का तरीका और योजना
एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि यह घटना 21 अगस्त की है। डेयरी व्यवसायी जितेंद्र ने अपने भरोसेमंद ड्राइवर उमेश को 10 लाख रुपये का कलेक्शन लेकर घर पहुंचाने के लिए भेजा था। यात्रा के दौरान उमेश ने अपने साले पवन को यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर मिलने के लिए बुलाया। पवन वहां वैगन आर कार लेकर पहुंचा।उमेश ने बैग में रखे 10 लाख रुपये पवन को सौंप दिए और खुद को बाएं कंधे पर गोली मारने का नाटक किया। उनका मकसद था कि लूट की झूठी कहानी को सच्चा साबित किया जा सके। इसके बाद उसने मालिक जितेंद्र को फोन कर लूट की सूचना दी और खुद को अस्पताल में भर्ती कराया। साजिश का यह तरीका काफी चालाकी भरा था, जिसमें ड्राइवर ने पहले अपने भरोसे को कायम रखा और फिर योजना को अंजाम देने की कोशिश की।
पुलिस जांच और खुलासा
जैसे ही पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की, कई विरोधाभास सामने आए। जांच में यह पता चला कि पूरी घटना ड्राइवर उमेश की ही रची हुई साजिश थी, और पवन कुमार उसका सहयोगी था। उमेश कुमार को अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर अर्टिका गाड़ी, अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए। पवन कुमार को केएमपी एक्सप्रेसवे के पास, गांव जगन्नाथपुर की सर्विस रोड से वैगन आर कार के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पहले से ही इस योजना को अंजाम देने की तैयारी में थे। उन्होंने अपने काम में पूरी साजिशबाज़ी और धोखे की योजना बनाई थी, ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस की टिप्पणी
एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने कहा:
“मामले की गहन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ड्राइवर ने पूरी साजिश रची थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ लूट, साजिश रचने और अवैध हथियार रखने के मामले में सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।”
उन्होंने आगे बताया कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई ही अपराधियों को पकड़ने और भविष्य में अपराध रोकने में मदद करती है।
आरोपियों का प्रोफाइल
उमेश कुमार: व्यवसायी का भरोसेमंद ड्राइवर, जिसने कई बार डेयरी में काम किया। अपनी विश्वसनीय छवि का इस्तेमाल कर व्यवसायी का भरोसा जीता।
पवन कुमार: उमेश का साला, जिसने योजना में शामिल होकर कार और वाहन परिवहन की जिम्मेदारी संभाली।
दोनों ने पहले से योजना बनाई और रकम सौंपने के समय अपराध को अंजाम देने की रणनीति बनाई।