धरने पर बैठे सपेरा समुदाय की तस्वीर | पाठकराज
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नोएडा। ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र के डूंगरपुर रीलका गांव में रविवार को 90 वर्षीय महिला की मृत्यु के बाद उत्पन्न विवाद का समाधान आखिरकार सोमवार को हो गया। श्मशान भूमि की मांग को लेकर मृतका के शव के साथ धरने पर बैठे सपेरा समुदाय को आखिरकार जमीन आवंटित कर दी गई। यमुना विकास प्राधिकरण ने समुदाय के लिए 2200 मीटर भूमि श्मशान घाट हेतु चिन्हित कर दी है।
मृतका के शव के साथ बैठा था समुदाय
जानकारी के अनुसार, 90 वर्षीय धनवंती पत्नी बिच्छू नाथ का रविवार को निधन हो गया था। मृत्यु के बाद सपेरा समुदाय ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक श्मशान भूमि आवंटित नहीं की जाएगी, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। यह मांग वे लंबे समय से उठा रहे थे और पूर्व में भी कई बार शव रखकर धरना-प्रदर्शन कर चुके थे।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बनी सहमति
सोमवार को स्थिति की जानकारी मिलने पर दनकौर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद यमुना विकास प्राधिकरण से एसडीएम शिव अवतार सिंह, तहसीलदार मनोज कुमार, एसएम बीपी सिंह और सदर तहसील के लेखपाल जितेंद्र भाटी सहित कई अधिकारी पहुंचे। करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद प्राधिकरण ने गांव के पूर्व दिशा में सेक्टर-18 के समीप 2200 मीटर भूमि को श्मशान घाट के लिए चिन्हित कर दिया।
अंतिम संस्कार से खत्म हुआ विवाद
भूमि आवंटन पर सहमति बनने के बाद सपेरा समुदाय ने मृतका का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान समुदाय के लोगों ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।