Monday, March 16, 2026 11:26:50 AM

गिरफ्तारी इमरान उर्फ तोतला
चीन के नेटवर्क से जुड़ा 50 हजार का ईनामी साइबर ठग ग्रेटर नोएडा से दबोचा

ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने इमरान उर्फ तोतला को गिरफ्तार किया, जो अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा था और भारतीयों का डेटा चुरा रहा था।

चीन के नेटवर्क से जुड़ा 50 हजार का ईनामी साइबर ठग ग्रेटर नोएडा से दबोचा
पुलिस हिरासत में तोतला | पाठकराज
पाठकराज

ग्रेटर नोएडा। थाना बिसरख पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी साइबर ठग इमरान उर्फ तोतला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस की मानें तो वह बिना वीजा भारत में दाखिल होकर देश के नागरिकों की निजी जानकारी विदेशी गिरोहों तक पहुंचा रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद कई राष्ट्रीय एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर सकती हैं।

 

विदेशी गिरोह से सीधा संपर्क

आरोपी इमरान उर्फ तोतला मूल रूप से बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर का रहने वाला है। वह साइबर फ्रॉड रैकेट का अहम हिस्सा था। पुलिस के मुताबिक, इमरान और उसके साथी फर्जी आईडी पर भारतीय मोबाइल सिम (जियो, एयरटेल, वीआई, बीएसएनएल) एक्टिवेट करते थे। इन सिम कार्ड्स पर आने वाले ओटीपी और एसएमएस जैसी संवेदनशील जानकारियां वह फिजीऐप (चाइनीज एप्लिकेशन) के जरिए कम्बोडिया में बैठे चीनी नागरिकों तक पहुंचाता था।

 

कंपनियों और आम नागरिकों का डाटा हैक

इन्हीं जानकारियों के आधार पर भारत की बड़ी कंपनियों का डाटा हैक किया जाता था और आम नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। इतना ही नहीं, यह गिरोह भारतीय युवाओं को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाता था, जहाँ उनसे जबरन साइबर ठगी करवाई जाती थी। मना करने पर उन्हें वहां की पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया जाता था।

 

पहले भी पकड़े जा चुके हैं साथी

इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े तीन और आरोपी—एक चीनी नागरिक, एक नेपाली और भारतीय नागरिक विनोद उर्फ अगस्त्य भाटी—को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन्हीं मामलों में इमरान उर्फ तोतला फरार चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

 

पूरे नेटवर्क की पड़ताल

थाना बिसरख प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से देशभर में फैले साइबर अपराधों की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे इस नेटवर्क के और सदस्यों तक भी पुलिस जल्द पहुंच सकती है।


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