शिक्षक ट्रांसफर नए नियम |
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर नई नियमावली तैयार की है, जिसमें कई नई प्राथमिकताएं और वरीयता श्रेणियां जोड़ी गई हैं। खास बात यह है कि 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिला शिक्षकों को विशेष राहत दी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई अविवाहित महिला शिक्षक 40 वर्ष से अधिक उम्र की है, तो स्थानांतरण में उनकी पसंद को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह, यदि कोई महिला शिक्षक कानूनी रूप से अलग रह रही है, तो उन्हें भी ट्रांसफर में वरीयता मिलेगी। हालांकि, जिन स्कूलों में चार से कम शिक्षक स्वीकृत हैं, वहां इन वरीयता नियमों के आधार पर पदस्थापन पर विचार नहीं किया जाएगा।
बीमारी और दिव्यांगता को भी मिली प्राथमिकता
नियमावली में गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को भी विशेष वरीयता दी गई है। इसमें कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट और अंग प्रत्यारोपण जैसे मामलों में शिक्षक, उनकी पत्नी या 18 वर्ष से कम उम्र के आश्रित शामिल हैं।
इसके अलावा एकल किडनी, किडनी ट्रांसप्लांट, डायलिसिस, ब्रेन ट्यूमर, न्यूरो सर्जरी, बोन टीबी, गंभीर टीबी और पक्षाघात से पीड़ित शिक्षकों को भी स्थानांतरण में प्राथमिकता दी जाएगी।
दिव्यांगता के तहत 80 से 100 प्रतिशत तक दृष्टि, श्रवण या अस्थि बाधा से प्रभावित शिक्षकों को भी वरीयता दी जाएगी।
मेडिकल बोर्ड करेगा जांच
इन सभी मामलों की जांच के लिए शिक्षा विभाग स्तर पर चिकित्सा बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो आवेदनों की पुष्टि करेगा।
यदि किसी शिक्षक का वरीयता के आधार पर स्थानांतरण नहीं होता, तो वह अगले ट्रांसफर चक्र में फिर से आवेदन कर सकता है।
गलत दावा करने पर कार्रवाई
यदि किसी शिक्षक द्वारा वरीयता का गलत दावा किया जाता है, तो जिला शिक्षा अधिकारी जांच करेंगे। संबंधित शिक्षक को सात दिन में स्पष्टीकरण देना होगा। यदि दावा गलत पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी लाभ
राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को भी स्थानांतरण में क्रमशः 10 प्रतिशत और 5 प्रतिशत वरीयता दी जाएगी।