नोएडा। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, सियासी बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है। एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे और चिराग पासवान की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है।
नोएडा में भाजपा महानगर कमेटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा — “चिराग पासवान एनडीए के चिराग हैं और चिराग सदैव प्रकाशित रहता है।”
डॉ. शर्मा ने इस बयान के ज़रिए स्पष्ट संकेत दिया कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान गठबंधन का अभिन्न हिस्सा हैं और बिहार चुनाव में उनकी भूमिका अहम रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा और सहयोगी दल एक परिवार की तरह काम करते हैं, और परिवार में संवाद ही रिश्तों को मज़बूत बनाए रखता है।
बिहार में एनडीए की जीत का भरोसा
डॉ. दिनेश शर्मा ने दावा किया कि बिहार में एनडीए गठबंधन इस बार दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि जनता का झुकाव स्पष्ट रूप से विकास की राजनीति की ओर है।
“नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में अब विकास और निर्माण का वर्चस्व है। वह बिहार अब नहीं रहा जहाँ कभी जाति, संप्रदाय, गोली और बम का बोलबाला था,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता ने एनडीए सरकार से उम्मीदें जोड़ी हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भरोसा जताया है।
महागठबंधन में टिकट बंटवारे पर गड़बड़ी
एनडीए की एकजुटता का दावा करने के साथ ही डॉ. शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरजेडी और महागठबंधन के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर भारी गड़बड़ी और पैसों के खेल के चलते अंदरूनी कलह मची हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की राजनीति आज भी जातीय समीकरणों और अवसरवाद के इर्द-गिर्द घूम रही है, जबकि एनडीए विकास और स्थिर शासन के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहा है।
चिराग पासवान की नाराज़गी और थर्ड फ्रंट की अटकलें
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ समय से चिराग पासवान की बयानबाज़ी और उनकी नाराज़गी के संकेतों ने सियासी हलचल तेज़ कर दी है। विपक्षी खेमे और राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि अगर असंतोष गहराया तो चिराग पासवान थर्ड फ्रंट की संभावनाओं को हवा दे सकते हैं।
हालांकि, डॉ. शर्मा का बयान इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि “चिराग पासवान पूरी तरह एनडीए के प्रति समर्पित हैं।” यह बयान चुनाव से ठीक पहले एनडीए की एकजुटता का सार्वजनिक संदेश देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय राजनीति पर भी बोले डॉ. शर्मा
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि “जिनकी भावनाएँ और सोच पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित हैं, उनके विदेश प्रेम में किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन मोदी इन दौरों से देश को मज़बूत करने का काम करते हैं।