Monday, March 16, 2026 11:25:55 AM

बुजुर्ग पर साइबर ठगी का हमला
साइबर ठगी का बड़ा मामला: 80 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से 1.70 करोड़ रुपये हड़पे

नोएडा में रिटायर्ड अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव से साइबर ठगों ने 1.70 करोड़ रुपये ठग लिए, उन्हें डिजिटल कोर्ट की सुनवाई दिखाकर धोखा दिया गया।

साइबर ठगी का बड़ा मामला 80 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से 170 करोड़ रुपये हड़पे
सांकेतिक तस्वीर | पाठकराज
पाठकराज

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में साइबर ठगों ने एक और बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सेक्टर-62 निवासी 80 वर्षीय ओमप्रकाश श्रीवास्तव, जो इनकम टैक्स विभाग से रिटायर्ड अधिकारी हैं, को ठगों ने केंद्रीय जांच एजेंसी और मुंबई पुलिस का अधिकारी बनकर जाल में फंसा लिया। ठगों ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग केस में नामजद होने का दबाव डाला और डिजिटल कोर्ट की सुनवाई दिखाकर दो किश्तों में कुल 1.70 करोड़ रुपये हड़प लिए।

 

कैसे फंसे ठगों के जाल में?
9 सितंबर को पीड़ित के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉलर ने कहा कि उनके नंबर से धमकी भरे कॉल जा रहे हैं और उन पर केस दर्ज है। इसके बाद उन्हें एक कथित शिकायत की डिजिटल कॉपी भेजी गई और बताया गया कि केस मुंबई पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है।

ठगों ने बुजुर्ग अधिकारी को यह तक विश्वास दिलाया कि उनका नाम जेट एयरवेज के सह-संस्थापक नरेश गोयल के साथ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है। आधार कार्ड और बैंक ट्रांजेक्शन का फर्जी दस्तावेज भी भेजा गया, जिसमें 25 लाख रुपये के लेन-देन का जिक्र था।

 

डिजिटल कोर्ट और गिरफ्तारी का डर
ठगों ने ओमप्रकाश को एक ऐप डाउनलोड कराया और वीडियो कॉल पर कथित कोर्ट की सुनवाई से जोड़ा। इस दौरान उन्हें जज और अधिकारियों की आवाज सुनाई गई लेकिन चेहरा नहीं दिखा। लगातार गिरफ्तारी और कार्रवाई का डर दिखाकर उन पर मानसिक दबाव डाला गया। साथ ही, किसी को भी जानकारी न देने की सख्त चेतावनी दी गई।

 

कब और कैसे हड़पे पैसे?

  • 12 सितंबर: 1.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए

  • 15 सितंबर: 40 लाख रुपये ट्रांसफर किए
    इसके बाद ठगों ने और 20 लाख रुपये की मांग की। इस बीच पीड़ित ने मीडिया में इसी तरह की साइबर ठगी की खबर पढ़ी, जिसके बाद उन्हें शक हुआ और बेटे को बताया। बेटे ने तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

 

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
डीसीपी साइबर क्राइम प्रीति यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त होते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस ने नोएडा और बेंगलुरु स्थित जिन खातों में पैसे भेजे गए थे, उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


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