Tuesday, March 10, 2026 01:45:40 PM

मौत का रहस्य
पुलिस चौकी में बंद ‘नेता’ की मौत, परिजनों ने पुलिस पिटाई का लगाया आरोप

ग्रेटर नोएडा में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद तनाव। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया, पुलिस का कहना है विवाद के दौरान चोट लगने से मौत हुई।

पुलिस चौकी में बंद ‘नेता’ की मौत परिजनों ने पुलिस पिटाई का लगाया आरोप
थाने के बाहर जुटी लोगो की भीड़ | पाठकराज
पाठकराज

ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कस्बा पुलिस चौकी में बंद युवक की मौत के बाद मंगलवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों की पिटाई के कारण उसकी जान गई है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक की मौत आपसी विवाद में हुई मारपीट से लगी चोटों और अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है।

 

विवाद से शुरू हुआ मामला

घटना सोमवार देर रात करीब 11 बजे सूरजपुर कस्बा क्षेत्र की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुलंदशहर जिले के शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के बोहिल गांव निवासी कमल सिंह और उसका भाई नेता सिंह (32) सूरजपुर कस्बा में बाराही मंदिर के पास किराए पर रह रहे थे। पड़ोसी राजकुमार से किसी बात को लेकर दोनों भाइयों का विवाद हो गया। देखते-देखते झगड़ा बढ़ा और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान नेता ने राजकुमार पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया।

 

पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लिया

सूचना पर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल राजकुमार को शारदा अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, आरोपी नेता और उसके भाई कमल को चौकी लाकर हिरासत में लिया गया और फिर सूरजपुर कोतवाली भेज दिया गया।

 

परिजनों का आरोप: चौकी में हुई पिटाई

मृतक का भाई कमल सिंह का आरोप है कि चौकी पुलिस ने दोनों भाइयों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद उन्हें कोतवाली लाया गया। रात करीब 2 बजे नेता की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गया। पुलिस उसे शारदा अस्पताल ले गई, जहां इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें अस्पताल ले जाते समय पुलिस साथ नहीं ले गई और सुबह केवल मौत की सूचना दी गई।

 

परिजनों ने थाने को घेरा

मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण सूरजपुर कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच नोकझोंक भी हुई।

 

पुलिस का पक्ष: आरोप निराधार

कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने का आरोप पूरी तरह निराधार है। नेता की तबीयत अचानक खराब हुई थी, जिस कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का खुलासा हो सकेगा। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। राजकुमार को चाकू से चोट लगी थी, वहीं राजकुमार, प्रेमपाल, गौरव और अन्य लोगों ने मिलकर नेता और कमल की पिटाई की थी। इसी दौरान नेता गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान नेता की मौत हो गई।

 

केस दर्ज, कई गिरफ्तार

पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। गौरव की शिकायत पर मृतक नेता सिंह, कमल सिंह और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, कमल सिंह की ओर से राजकुमार, प्रेमपाल, गौरव, वकील और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने गौरव, प्रेमपाल और वकील को हिरासत में ले लिया है। डीसीपी अवस्थी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


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