Tuesday, October 13, 2026 05:46:36 PM

सीएम योगी शिक्षक दिवस डिजिटल एआई साक्षरता
शिक्षक दिवस पर सीएम योगी का संदेश, डिजिटल और AI शिक्षा पर जोर

शिक्षक दिवस और अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सीएम योगी ने शिक्षा, संस्कार, कौशल विकास और डिजिटल-एआई साक्षरता को जरूरी बताया। उन्होंने समाज से साक्षरता अभियान में भागीदारी की अपील की।

शिक्षक दिवस पर सीएम योगी का संदेश डिजिटल और ai शिक्षा पर जोर
सीएम योगी शिक्षक दिवस डिजिटल एआई साक्षरता |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस और आगामी अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी। इसमें उन्होंने शिक्षा, संस्कार, कौशल विकास और डिजिटल साक्षरता के महत्व पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें राष्ट्र निर्माण की नींव मजबूत करने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का अवसर मिला। उन्होंने शिक्षकों को ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाला दीप बताया, जो आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा दिखाते हैं। इसी ज्ञान को आगे बढ़ाने और हर व्यक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा।

शिक्षा सिर्फ पढ़ना-लिखना नहीं

सीएम योगी ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं है। शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही फैसले लेने की समझ भी विकसित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय गुरुकुलों में ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों और जिम्मेदारियों की शिक्षा भी दी जाती थी। आज की शिक्षा व्यवस्था में भी इसी सोच को आगे बढ़ाना जरूरी है।

डिजिटल और AI साक्षरता जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से लोगों के जीवन को बदल रही है। ऐसे में डिजिटल साक्षरता के साथ AI साक्षरता भी समय की जरूरत बन गई है। AI, डीप-टेक और नई तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है। लखनऊ की AI सिटी और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक का बढ़ता नेटवर्क प्रदेश के तकनीकी भविष्य के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रहा है।

शिक्षा और कौशल विकास पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता, स्कूलों की सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान दिया है। इससे स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को कम करने और ज्यादा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक सबसे अहम कड़ी हैं। शिक्षक विद्यार्थियों में संस्कार, जिज्ञासा, अनुशासन, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना पैदा करते हैं।

साक्षरता के लिए समाज की भागीदारी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षरता का लक्ष्य समाज के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। अगर आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है, तो उसे पढ़ना-लिखना सिखाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को शिक्षा देने की छोटी-सी कोशिश उसके जीवन में आत्मविश्वास और नए अवसरों के दरवाजे खोल सकती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर संकल्प लें कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे, हर विद्यार्थी को अच्छी शिक्षा मिले, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े और हर नागरिक डिजिटल ज्ञान के साथ AI के प्रति भी जागरूक बने।


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