Saturday, October 10, 2026 11:34:40 PM

भदोही अस्पताल के बाहर प्रसव
भदोही जिला अस्पताल के बाहर सड़क किनारे गर्भवती महिला ने दिया बच्चे को जन्म, स्वास्थ्य विभाग ने बताई दूसरी वजह

भदोही में जिला अस्पताल के बाहर सड़क पर गर्भवती महिला का प्रसव हो गया। महिला ने लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने कम हीमोग्लोबिन के कारण रेफर किए जाने की बात कही।

भदोही जिला अस्पताल के बाहर सड़क किनारे गर्भवती महिला ने दिया बच्चे को जन्म स्वास्थ्य विभाग ने बताई दूसरी वजह
भदोही अस्पताल के बाहर प्रसव |

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के सामने सड़क किनारे एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। महिला का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया, जिसके बाद घर लौटते समय अस्पताल के बाहर ही उसका प्रसव हो गया।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने महिला को भर्ती न करने के आरोप से अलग अपना पक्ष रखा है। विभाग के मुताबिक, महिला का हीमोग्लोबिन स्तर महज 5 ग्राम था और उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बीएचयू रेफर किया गया था।

अस्पताल के बाहर सड़क पर हुआ प्रसव

मामला ज्ञानपुर के महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल का है। यहां वनवासी समुदाय की 20 वर्षीय गर्भवती महिला रानी प्रसव के लिए पहुंची थी। महिला ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने उसकी डिलीवरी कराने से इनकार कर दिया।

इसके बाद वह अपने परिजनों के साथ अस्पताल से घर लौटने लगी। इसी दौरान अस्पताल के सामने सड़क किनारे ही उसे प्रसव पीड़ा हुई और उसने बच्चे को जन्म दे दिया। घटना के बाद स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुछ महिलाओं ने अस्पताल में हंगामा भी किया।

हीमोग्लोबिन 5 ग्राम होने पर किया गया रेफर

मामले पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष चक ने बताया कि उन्हें रात करीब 8 बजे महिला के अस्पताल के सामने सड़क किनारे प्रसव होने की जानकारी मिली।

सीएमओ के मुताबिक, महिला इससे पहले सोमवार को जिला अस्पताल आई थी। जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन स्तर सिर्फ 5 ग्राम पाया गया था। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया था।

दोबारा अस्पताल पहुंची थी महिला

सीएमओ के अनुसार, महिला मिर्जापुर गई थी, लेकिन वहां से वापस लौट आई। मंगलवार रात वह दोबारा ज्ञानपुर जिला अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टर और स्टाफ नर्स ने उसकी जांच की।

जांच में हीमोग्लोबिन का स्तर बेहद कम पाए जाने के बाद उसे बीएचयू रेफर किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, महिला और उसके परिजन पढ़े-लिखे नहीं थे और वे 102 एंबुलेंस से संपर्क नहीं कर सके। इसके बाद वे अस्पताल से घर की ओर जाने लगे। इसी दौरान रास्ते में अस्पताल के सामने महिला का प्रसव हो गया।

सीएमओ ने महिला को दोबारा अस्पताल में कराया भर्ती

घटना की जानकारी मिलने के बाद सीएमओ डॉ. संतोष चक मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्होंने महिला को दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की।

घर लौट रही महिला को रास्ते से वापस जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, महिला को प्लाज्मा चढ़ाया जा रहा है।

24 घंटे में जांच पूरी करने का दावा

सीएमओ डॉ. संतोष चक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच 24 घंटे के भीतर पूरी कर ली जाएगी। जांच में अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


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