11508 शिक्षक भर्ती शिक्षामित्र वेटेज |
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 11,508 सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर शिक्षामित्रों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में होने वाली इस भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक यानी वेटेज दिए जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
बेसिक शिक्षा परिषद ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के 18 नवंबर 2020 के आदेश की जानकारी दी है। इस आदेश में शिक्षामित्रों को आगामी शिक्षक भर्ती में एक अतिरिक्त अवसर दिए जाने की बात कही गई थी।
विज्ञापन के बाद उठा वेटेज का मुद्दा
11,508 सहायक अध्यापक भर्ती के विज्ञापन में शिक्षामित्रों को वेटेज देने का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने के बाद यह मामला सामने आया। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव मनोज कुमार को पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी।
पत्र मिलने के बाद चयन आयोग ने मामले का अध्ययन करने और आगे के निर्णय के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी सुप्रीम कोर्ट के आदेश और भर्ती से जुड़े नियमों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपेगी।
माना जा रहा है कि मंगलवार को होने वाली आयोग की बैठक में भी शिक्षामित्रों के वेटेज के मुद्दे पर विचार किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिकी नजर
शिक्षामित्र लंबे समय से शिक्षक भर्ती में राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के 18 नवंबर 2020 के आदेश की जानकारी आयोग तक पहुंचने के बाद उनकी उम्मीदें एक बार फिर बढ़ी हैं।
खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक, यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप राहत नहीं मिलती है तो मामला कानूनी चुनौती तक पहुंच सकता है। वेटेज नहीं मिलने की स्थिति में शिक्षामित्रों की ओर से अवमानना याचिका दाखिल किए जाने की संभावना भी जताई गई है। ऐसी स्थिति में भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
अधियाचन के चार महीने बाद आया था विज्ञापन
11,508 सहायक अध्यापक पदों पर चयन और नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक ने 17 मई को चयन आयोग को अधियाचन भेजा था। इसके करीब चार महीने बाद 15 सितंबर को भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया।
दी गई जानकारी के अनुसार, अधियाचन भेजते समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी आयोग को नहीं दी गई थी। विज्ञापन जारी होने के बाद शिक्षामित्रों के वेटेज का मामला सामने आया, जिसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने आयोग को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अवगत कराया।
शासन स्तर पर भी चल रहा मंथन
शिक्षामित्रों के वेटेज का मामला केवल चयन आयोग तक सीमित नहीं है। शासन स्तर पर भी इस विषय पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा नियमावली में संशोधन और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को आरक्षण नहीं दिए जाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा चल रही है। इसी सप्ताह इन विषयों पर शासन स्तर पर बैठक होने की उम्मीद जताई गई है।
फिलहाल शिक्षामित्रों को वेटेज मिलेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अब चार सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट, आयोग की बैठक और शासन स्तर पर होने वाली प्रक्रिया के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।