Saturday, October 10, 2026 10:27:51 PM

308 पहियों वाला महाबली ट्रक चंदौली में फंसा
308 पहियों वाला महाबली ट्रक चंदौली में फंसा, 200 टन की मशीन लेकर चल रहा काफिला

200 टन की भारी मशीन लेकर चल रहा 308 पहियों वाला महाबली ट्रक चंदौली में रास्ते की परेशानी के कारण रुक गया है। सड़क को मजबूत कर ट्रेलर को आगे निकालने की तैयारी चल रही है।

308 पहियों वाला महाबली ट्रक चंदौली में फंसा 200 टन की मशीन लेकर चल रहा काफिला
308 पहियों वाला महाबली ट्रक चंदौली में फंसा |

चंदौली। क्या आपने कभी ऐसा ट्रक देखा है, जिसके पहिए गिनते-गिनते आप थक जाएं? इन दिनों 308 पहियों वाला एक विशालकाय ट्रक सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 200 टन वजनी भारी मशीन लेकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रहा यह मल्टी-एक्सल ट्रेलर चंदौली के नियामताबाद क्षेत्र में पहुंचने के बाद मुश्किल में फंस गया है।

ताजा जानकारी के मुताबिक, ट्रेलर को पश्चिमी सर्विस लेन तक पहुंचा दिया गया है, लेकिन आगे का रास्ता अभी भी आसान नहीं है। ट्रेलर को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सड़क की मरम्मत और उसे मजबूत करने का काम किया जा रहा है।

बारिश के बाद बढ़ी परेशानी

इस विशाल ट्रेलर की रफ्तार पहले से ही काफी कम है। बारिश के बाद रास्ते की स्थिति खराब होने से परेशानी और बढ़ गई। रेवसा के पास जमीन दलदली होने के कारण रविवार को ट्रेलर को रोकना पड़ा।

करीब 200 टन वजन होने की वजह से इसे सामान्य सड़क से निकालना आसान नहीं है। अब लॉजिस्टिक्स टीम सड़क को मजबूत करने और ट्रेलर को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने में जुटी है। मौके पर स्थानीय पुलिस भी मौजूद है और ट्रक को देखने के लिए जुट रही भीड़ को नियंत्रित कर रही है।

308 पहिए, फिर भी बेहद धीमी रफ्तार

यह कोई सामान्य ट्रक नहीं है। करीब 100 फीट लंबे विशेष मल्टी-एक्सल ट्रेलर में 308 पहिए लगाए गए हैं, ताकि भारी मशीन का वजन संभाला जा सके।

ट्रेलर के आकार और वजन के कारण इसकी रफ्तार सामान्य वाहनों जैसी नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह काफिला एक दिन में करीब 10 से 12 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पा रहा है।

रास्ते में कई जगह बन रही चुनौती

चंदौली पहुंचने के बाद रिंग रोड का पुल भी इस महाबली ट्रक के रास्ते में बड़ी चुनौती बना। इसके बाद ट्रेलर को आगे निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने की कोशिश की गई। लेकिन बारिश के कारण इस रास्ते को तैयार करने में भी परेशानी आई।

अब सर्विस लेन और आगे के रास्ते को ठीक किया जा रहा है, ताकि ट्रेलर को सुरक्षित तरीके से आगे ले जाया जा सके।

लॉजिस्टिक्स मैनेजर अनेक भारती के मुताबिक, रास्ते में कई तरह के अवरोध सामने आ रहे हैं। संबंधित विभागों और अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद इन अवरोधों को हटाया जा रहा है। उन्होंने मशीन को रिएक्टर बताया, हालांकि इसकी तकनीकी जानकारी देने के लिए खुद को अधिकृत नहीं बताया।

जहां पहुंच रहा ट्रक, देखने उमड़ रही भीड़

308 पहियों और विशाल मशीन के कारण यह ट्रक लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चंदौली में बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इसे देखने और वीडियो बनाने के लिए पहुंच रहे हैं।

बेल्जियम से शुरू हुआ था सफर

लॉजिस्टिक्स टीम के मुताबिक, इस विशाल मशीन का सफर कई महीने पहले शुरू हुआ था। अप्रैल में इसे बेल्जियम से समुद्री रास्ते के जरिए भारत के लिए रवाना किया गया था।

करीब एक महीने के समुद्री सफर के बाद मशीन ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंची। इसके बाद इसे 308 पहियों वाले विशेष ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया गया।

यह काफिला झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचा और फिर चंदौली आया। इस पूरे सफर में हर कुछ किलोमीटर के बाद नई चुनौती सामने आ रही है।

चंदौली में क्यों रुका ट्रक?

पारादीप से निकलने के बाद जब ट्रेलर चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के पास रिंग रोड के नजदीक पहुंचा, तो उसे रोकना पड़ा। आगे का रास्ता मशीन की ऊंचाई और चौड़ाई के हिसाब से उपयुक्त नहीं था।

इसके बाद लॉजिस्टिक्स टीम ने मौके पर रास्ता तैयार करने का काम शुरू किया। ट्रेलर को सुरक्षित तरीके से रिंग रोड की तरफ से आगे निकालने के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।

मंजिल तक पहुंचने में लग सकते हैं 2 से 3 सप्ताह

चंदौली में रुका यह विशाल ट्रक अभी अपने सफर के बीच में है। लॉजिस्टिक्स टीम के मुताबिक, इसे अंतिम गंतव्य तक पहुंचने में अभी 2 से 3 सप्ताह का समय और लग सकता है।

आगे भी ट्रेलर को सामान्य ट्रकों की तरह तेज गति से नहीं चलाया जा सकेगा। रास्ते में आने वाली ऊंचाई, चौड़ाई, पुल, ओवरब्रिज और दूसरे अवरोधों की पहले जांच की जाएगी और उसके बाद ही ट्रेलर को आगे बढ़ाया जाएगा।

मशीन के अंतिम गंतव्य को लेकर रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में इसे बलरामपुर चीनी मिल के कुंभी स्थित एथनॉल प्लांट से जोड़ा गया है, जबकि कुछ रिपोर्टें इसे लखीमपुर खीरी के कुंभी क्षेत्र में बन रहे प्लांट तक पहुंचाए जाने की बात कहती हैं।

फिलहाल चंदौली में सबसे बड़ी चुनौती इस 308 पहियों वाले महाबली ट्रक को सर्विस लेन की अड़चन से सुरक्षित तरीके से आगे निकालना है।


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