BJP दावेदार कुशल सिंह पर केस |
दादरी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट की दावेदारी कर रहीं कुशल सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुशल सिंह, उनके पति और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व महाप्रबंधक रविंद्र तौंगड़ समेत करीब दर्जन भर लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
यह मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या-11 से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि करीब 72 हजार वर्गमीटर के इस भूखंड को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गायत्री हॉस्पिटल लिमिटेड एंड रियलकॉन लिमिटेड को आवंटित किया था। साल 2011 में इसकी लीज डीड भी की गई थी।
शिकायत के मुताबिक, इस जमीन में से पहले 20 हजार वर्गमीटर और बाद में 14 हजार वर्गमीटर जमीन कुशल सिंह, उनके पति रविंद्र तौंगड़ और अन्य लोगों ने बिना किसी लेन-देन के एक कंपनी इन्टाइस्मेंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के नाम करा ली।
इसके बाद इस जमीन पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए सीआरसी कंपनी के साथ संयुक्त उपक्रम किया गया। आरोप है कि मूल आवंटी द्वारा अपनी हिस्सेदारी मांगे जाने पर आरोपियों की ओर से दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।
पीड़ित पक्ष की ओर से थाना सेक्टर-20 पुलिस में शिकायत दी गई थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के बाद गायत्री हॉस्पिटल लिमिटेड एंड रियलकॉन लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि अवि सिंह ने अदालत का रुख किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, गौतमबुद्धनगर की अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि कुशल सिंह आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए दादरी सीट से भाजपा का टिकट हासिल करने के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने पोस्टर भी लगाए हैं।