नीला ड्रम हत्याकांड मुस्कान साहिल दोषी |
मेरठ। मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके दोस्त साहिल शुक्ला को उसके पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। हालांकि, अदालत ने अभी दोनों की सजा का ऐलान नहीं किया है। सजा पर सुनवाई के लिए करीब 15 दिन बाद की तारीख तय किए जाने की बात कही गई है।
अभियोजन पक्ष के वकील के.के. चौबे के मुताबिक, अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया है। अगली सुनवाई में दोनों को सजा के बिंदु पर अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। अदालत उनसे पूछेगी कि सजा को लेकर वे कुछ कहना चाहते हैं या नहीं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बात
के.के. चौबे के अनुसार, अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान और साहिल से बात की और उनसे पूछा कि क्या वे अपने बचाव या सजा को लेकर कुछ कहना चाहते हैं। दोनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोषसिद्धि और सजा सुनाने की प्रक्रिया दो अलग-अलग चरणों में होती है। इसलिए अदालत ने फिलहाल केवल दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है और सजा के लिए अलग तारीख तय की जाएगी।
अभियोजन पक्ष मांगेगा मृत्युदंड
अभियोजन पक्ष के वकील के.के. चौबे ने बताया कि अगली सुनवाई में दोनों आरोपियों के लिए अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग की जाएगी। हालांकि, अंतिम फैसला अदालत अपने विवेक के आधार पर करेगी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने यह भी कहा कि इस मामले में आजीवन कारावास या मृत्युदंड जैसी सजा का प्रावधान है। वकील के मुताबिक, अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के अपराध का असर समाज और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ता है।
अदालत ने यह भी कहा कि सजा तय करते समय न्यायालय का कर्तव्य है कि अपराध और समाज के हितों के बीच संतुलन बनाया जाए।
3 मार्च 2025 को सामने आया था मामला
यह मामला 3 मार्च 2025 का है। आरोप है कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत की हत्या की। इसके बाद शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भरकर सील कर दिया गया।
टाइमलाइन के मुताबिक, सौरभ 25 फरवरी को अपने घर लौटा था। अगले दिन 25 फरवरी को उसकी पत्नी मुस्कान ने उसके लौटने की खुशी में घर पर पार्टी रखी। 28 फरवरी को परिवार ने बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया।
इसके बाद 3 मार्च को आरोप है कि मुस्कान ने डिनर में सौरभ को नींद की दवा मिला दी। इसके बाद साहिल शुक्ला को फोन करके बुलाया गया। आरोप है कि सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रख दिया गया।
हिमाचल गई थी मुस्कान
4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी पीहू को अपनी मां के घर छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई। 17 मार्च को मुस्कान हिमाचल से वापस लौटी और अपने मायके पहुंचकर अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताया।
18 मार्च को पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची। पुलिस को वहां नीले ड्रम में सौरभ का शव मिला। इसके बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया।
19 मार्च को दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। इसी दौरान सौरभ के शव के चार टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया।
1,000 पन्नों की चार्जशीट
12 मई को पुलिस ने करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 34 गवाहों का जिक्र किया गया था। पुलिस की जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया गया।
17 जून को मुस्कान और साहिल के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय किए गए। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
4 जुलाई को सौरभ के भाई बबलू की अदालत में गवाही हुई। इसके बाद जुलाई से नवंबर के बीच परिवार, पुलिस, डॉक्टर, डांसर और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
कोर्ट में पेश हुआ नीला ड्रम और ट्रॉली बैग
19 दिसंबर को अदालत में नीला ड्रम और ट्रॉली बैग पेश किए गए। इन्हें मामले के महत्वपूर्ण सबूतों में शामिल बताया गया।
इसके बाद 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने अदालत में कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी रिपोर्ट पेश की।
21 अप्रैल को मुस्कान और साहिल पर लगे आरोपों को लेकर सुनवाई हुई। दोनों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
13 महीने चली सुनवाई
22 मई से 17 सितंबर के बीच मामले में अंतिम बहस चली। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
इस मामले में करीब 13 महीने की सुनवाई, 126 तारीखें और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने मामले में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट भी दाखिल की थी।
19 सितंबर को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन अदालत ने फैसले की तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी। अब अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है, जबकि सजा का फैसला अभी बाकी है।
फिलहाल अगली तारीख की औपचारिक घोषणा होना बाकी है। करीब 15 दिन बाद होने वाली सुनवाई में दोनों आरोपियों को सजा के बिंदु पर सुना जाएगा। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि उन्हें क्या सजा दी जानी है।