Thursday, October 08, 2026 06:07:15 PM

लखनऊ अपार्टमेंट पिलर हादसा
लखनऊ में एसए अपार्टमेंट का पिलर टूटा, 25 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया; 50 मीटर का इलाका सील

लखनऊ के एसए अपार्टमेंट का पिलर टूटने से हड़कंप मच गया। 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि इमारत के गिरने की आशंका के चलते आसपास का इलाका सील कर दिया गया।

लखनऊ में एसए अपार्टमेंट का पिलर टूटा 25 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया 50 मीटर का इलाका सील
लखनऊ अपार्टमेंट पिलर हादसा |

लखनऊ: गोलागंज के बारूदखाना इलाके में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एसए अपार्टमेंट का एक पिलर तेज आवाज के साथ टूट गया, जिससे पूरी इमारत हिलने लगी। बिल्डिंग में मौजूद लोगों को भूकंप आने का अंदेशा हुआ और वे अपने परिवारों के साथ तुरंत बाहर निकल आए। घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई, जिसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर बुलाई गईं।

सुरक्षा को देखते हुए अपार्टमेंट में रहने वाले 25 परिवारों को बाहर निकाला गया। साथ ही, बिल्डिंग के 50 मीटर के दायरे को सील कर दिया गया और पास की दूसरी इमारत को भी खाली करा लिया गया।

24 फ्लैट में रहते हैं करीब 150 लोग

एसए अपार्टमेंट में कुल 24 फ्लैट हैं, जिनमें करीब 150 लोग रहते हैं। स्थानीय निवासी वकील अहमद ने अपने साथी शहाबुद्दीन के साथ मिलकर वर्ष 2011 में इस इमारत का निर्माण कराया था।

अपार्टमेंट के पहले तल पर ज्योति रहती हैं। उनके फ्लैट के नीचे का ही पिलर टूट गया। घटना के समय ज्योति ऑफिस में थीं, जबकि उनके पति घर पर मौजूद थे। दूसरे तल पर मसूद जिलानी और तीसरे तल पर आसिफ हाशमी अपने परिवार के साथ रहते हैं।

अपार्टमेंट के लोगों ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनाई दी और इमारत हिलने लगी। इसके बाद लोग जिस हालत में थे, उसी हालत में बाहर भागे। दहशत इतनी थी कि किसी को दरवाजा बंद करने तक का ध्यान नहीं रहा। बिल्डर ने इमारत के नीचे अपना कार्यालय भी बना रखा था, लेकिन घटना के बाद वहां काम करने वाले कर्मचारी दफ्तर बंद कर बाहर निकल गए।

प्रशासन और बचाव दल ने संभाला मोर्चा

स्थानीय लोगों की सूचना पर वजीरगंज थाने के इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद जिलाधिकारी विशाख जी और जेसीपी कानून-व्यवस्था भी घटनास्थल पर पहुंचे।

एलडीए, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव कार्य शुरू किया। इमारत को सहारा देने के लिए आनन-फानन में ईंटें मंगवाई गईं। घटना की जानकारी मिलने पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया।

पेंटहाउस बनने के बाद बढ़ी थीं परेशानियां

अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का कहना है कि इमारत की छठी मंजिल पर पेंटहाउस बनाया गया है। इसके निर्माण के बाद से बिल्डिंग में समस्याएं बढ़ने लगी थीं। करीब एक साल से लोग परेशानियों का सामना कर रहे थे और इमारत में लगातार पानी का रिसाव भी हो रहा था। पेंटहाउस में आमिर रहते हैं। वहीं, पांचवीं मंजिल पर रिजवान, डॉक्टर यूए लोहानी और अन्य लोग रहते हैं।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, अपार्टमेंट के रखरखाव के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है। हर परिवार से हर महीने 1,500 रुपये मेंटेनेंस के लिए लिए जाते हैं। देखरेख की जिम्मेदारी मुकेश सक्सेना और मसूद जिलानी के पास है और मेंटेनेंस की रकम भी उन्हीं को दी जाती है।

निवासियों का आरोप है कि ग्रुप में कई दिनों से बिल्डिंग के जर्जर होने को लेकर संदेश साझा किए जा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। बिल्डर ने भी इस दिशा में ध्यान देने की बात कही थी।

घरों में कैद हुआ सामान, परिवारों के सामने रहने का संकट

इमारत के गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में 25 परिवारों का घरेलू सामान, कपड़े, नकदी और जेवर अपार्टमेंट के भीतर ही रह गए हैं। लोगों के पास जरूरत का सामान तक नहीं है।

पीड़ित परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया है, जबकि कुछ लोग अपनी इमारत की निगरानी के लिए बाहर ही रुके हुए हैं। हादसे के बाद पड़ोस की इमारत में रहने वाले लोग भी डर के कारण बाहर निकल आए। प्रशासन ने एहतियातन उस बिल्डिंग को भी खाली करा दिया और आसपास का 50 मीटर का क्षेत्र सील कर दिया।

अपार्टमेंट में रहने वाले मो. फरहान, मो. हसीब और इसरार का कहना है कि उनकी पूरी गृहस्थी अंदर बंद है। परिवार को लेकर कहां जाएं, यह समझ नहीं आ रहा। लोगों के मुताबिक, उनकी जीवनभर की कमाई दांव पर लगी हुई है।


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