लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे लोकार्पण |
उत्तर प्रदेश को आज एक और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की सौगात मिली। 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया।
चारों नेता सेना के हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
लोकार्पण से पहले देखी परियोजना की प्रदर्शनी
मुख्य समारोह से पहले सभी अतिथियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य, इसकी आधुनिक तकनीक, प्रमुख विशेषताओं और आम लोगों को मिलने वाले फायदों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके बाद सभी अतिथि मुख्य मंच पर पहुंचे और 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
दो अहम हाईवे को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने से उन्नाव और आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ता है। इससे एक ओर लालगंज-रायबरेली की ओर पहुंचना आसान होगा, वहीं दूसरी ओर कानपुर-लखनऊ हाईवे से भी सीधा और तेज संपर्क मिलेगा।
बिना रुके कटेगा टोल
NHAI के अधिकारियों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे पर यात्रा के दौरान टोल प्लाजा पर वाहन रोकने की जरूरत नहीं होगी। यहां कोई बैरियर नहीं होगा। टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले लगे हाई-डेफिनेशन कैमरे चलते वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन कर स्वतः टोल वसूल लेंगे, जिससे सफर और भी तेज व सुगम होगा।
कितना आएगा सफर का खर्च?
एनएचएआई के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर एक तरफ की यात्रा में—
- सीएनजी कार: लगभग 210 रुपये का ईंधन खर्च
- डीजल कार: लगभग 230 रुपये का ईंधन खर्च
- पेट्रोल कार: लगभग 250 रुपये का ईंधन खर्च
इसके अलावा एक तरफ का टोल टैक्स 275 रुपये होगा। यानी डीजल कार से एक तरफ की कुल यात्रा का खर्च करीब 505 रुपये और पेट्रोल कार से करीब 525 रुपये तक पहुंचेगा।
वहीं, पुराने एनएच-27 मार्ग पर एक तरफ का टोल केवल 95 रुपये है। इस रास्ते डीजल कार से लगभग 305 रुपये और पेट्रोल
कार से करीब 325 रुपये का खर्च आता है, हालांकि इसमें एक्सप्रेसवे की तुलना में लगभग आधा घंटा अधिक समय लगता है।
अब इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा न सिर्फ तेज होगी, बल्कि आधुनिक तकनीक और बेहतर कनेक्टिविटी का भी लाभ यात्रियों को मिलेगा।