Friday, August 14, 2026 08:43:16 AM

शिक्षक के घर 12 लाख की लूट
रोज स्कूल जाते देखा है... फिर घर में घुसकर 12 लाख की लूट!

कानपुर के श्यामनगर में शिक्षक के घर हुई 12 लाख की लूट में बदमाशों द्वारा पहले रेकी किए जाने की आशंका है। पुलिस को सीसीटीवी, फिंगरप्रिंट और अन्य अहम सुराग मिले हैं।

रोज स्कूल जाते देखा है फिर घर में घुसकर 12 लाख की लूट
शिक्षक के घर 12 लाख की लूट |

कानपुर चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर-सी ब्लॉक में शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर हुई करीब 12 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि वारदात से पहले बदमाशों ने घर और परिवार की गतिविधियों की रेकी की थी। यही वजह है कि उन्हें घर की पूरी जानकारी थी और वे सीधे उन्हीं अलमारियों तक पहुंचे, जिनमें नकदी और जेवर रखे थे।

पीड़ित की पत्नी रचना ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह रसोई में खाना बना रही थीं। तभी पीछे से आए एक बदमाश ने उनके बाल पकड़कर खींचा और कनपटी पर तमंचा तान दिया। दूसरे बदमाश ने उनका गला दबाकर कहा कि यदि वे शोर नहीं मचाएंगी तो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और केवल रुपये लेकर चले जाएंगे।

इसी दौरान बदमाश उनके 17 वर्षीय बेटे देवांश को भी पकड़कर ले आए। रचना के अनुसार, एक बदमाश ने देवांश से कहा, "तुम्हें तो मैं रोज स्कूल जाते हुए देखता हूं।" इस बात से पुलिस को शक है कि आरोपी परिवार और इलाके से पहले से परिचित थे।

रचना ने बताया कि तीनों बदमाशों की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच थी। उनके चेहरे रुमाल और गमछे से ढके हुए थे तथा उनके पास तमंचे के साथ दो बड़े चाकू भी थे, जो बिल्कुल नए दिखाई दे रहे थे।

घटना के दौरान एक बदमाश के मोबाइल पर कॉल भी आई, लेकिन उसने बिना बात किए फोन काट दिया। पुलिस अब घटना स्थल के आसपास लगे मोबाइल टावरों के बीटीएस डेटा की जांच कर रही है ताकि संदिग्ध कॉल और मोबाइल लोकेशन का पता लगाया जा सके।

पुलिस के सामने यह भी सवाल है कि बदमाश घर में दाखिल कैसे हुए। परिवार का कहना है कि सभी गेट बंद थे, इसलिए उनके बाउंड्री वाल या छत के रास्ते आने की आशंका है। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल पर पैरों या जूतों के निशान नहीं मिले। दूसरी ओर, फॉरेंसिक टीम को अलमारियों से कुछ फिंगरप्रिंट मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

परिजनों के अनुसार, घर में कुल सात अलमारियां थीं, लेकिन बदमाशों ने केवल वही पांच अलमारियां खुलवाईं, जिनमें जेवर और नकदी रखी थी। जिन दो अलमारियों में केवल कपड़े थे, उन्हें नहीं खोला गया। इतना ही नहीं, बदमाश पूजा कक्ष में रखे बक्से तक पहुंचे और उसमें रखे भगवान के रुपये और सिक्के भी अपने साथ ले गए। इससे पुलिस को संदेह है कि आरोपियों को घर की पूरी जानकारी पहले से थी।

लूटपाट के दौरान एक बदमाश ने इलाके के रहने वाले शिवसिंह का नाम भी लिया। पुलिस इस सुराग के आधार पर पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, शिवसिंह, घर में काम करने वाली नौकरानी प्रियंका और उसके पति से भी पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि सोमवार सुबह करीब 11:45 बजे शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी स्कूल गए हुए थे। इसी दौरान तीन नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और करीब 40 मिनट तक परिवार को बंधक बनाकर तमंचे और चाकू के बल पर लूटपाट करते रहे। जब करीब एक घंटे बाद नौकरानी घर पहुंची, तब उसने रसोई में बंद मां-बेटे को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

जांच के दौरान मोहल्ले के एक सीसीटीवी कैमरे में बाइक सवार तीन संदिग्ध बदमाश कैद हुए हैं। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

इस मामले में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने खुलासे के लिए पुलिस टीम को सात दिन का समय दिया है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई है कि उपलब्ध सुरागों के आधार पर मामले का खुलासा एक-दो दिन में किया जा सकता है। अपर पुलिस आयुक्त विपिन ताडा और डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता भी जांच की निगरानी कर रहे हैं।


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