हिंदी दिवस के अवसर पर 14 सितंबर को उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर उनकी अध्यक्षता में उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक भी आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने कहा कि हिंदी दिवस हम सभी के लिए एक राष्ट्रीय पर्व की तरह है। उन्होंने कहा कि देश में संपर्क भाषा और जनभाषा के रूप में हिंदी की सहजता और स्वीकार्यता को देखते हुए वर्ष 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने हिंदी को संघ सरकार की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।
उन्होंने कहा कि अपने लगभग एक हजार वर्ष के इतिहास में हिंदी ने देश की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया है। हिंदी नवजागरण और राष्ट्रीय आंदोलन की आवाज बनने के साथ राष्ट्रीय चेतना की भी वाहक रही है। आज परिवर्तन, विकास और वैश्विक भाषा के रूप में हिंदी के महत्व को नए सिरे से देखा जा रहा है।
सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग पर जोर
महाप्रबंधक ने कहा कि राजभाषा हिंदी से जुड़े संवैधानिक और कानूनी दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ पूरा करना हमारा नैतिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे का कार्यक्षेत्र पूरी तरह हिंदी भाषी क्षेत्र में आता है। ऐसे में रेलवे के सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग और प्रसार को बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागों और कार्यालयों में राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) का पालन सुनिश्चित किया जाए। पत्राचार, टिप्पणियों, विभागीय बैठकों की कार्यवाही और निरीक्षण रिपोर्टों सहित विभिन्न कार्यों में तय लक्ष्यों के अनुसार हिंदी का प्रयोग बढ़ाया जाए।
महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि सभी संरक्षा निर्देश और विभिन्न विभागों के कार्य निर्देश अनिवार्य रूप से हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी या हिंदी में जारी किए जाएं। इनकी भाषा सरल, स्पष्ट और आसानी से समझ आने वाली होनी चाहिए।
डिजिटल कामकाज में हिंदी टाइपिंग पर जोर
सरकार की नीति के अनुसार कार्यालयों को पेपरलेस बनाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे में दस्तावेजों को डिजिटल किया जा रहा है। महाप्रबंधक ने कहा कि ऐसे में सभी अधिकारी और कर्मचारी हिंदी टाइपिंग का जरूरी ज्ञान हासिल करें और अधिक से अधिक काम हिंदी में पूरा करें।
उन्होंने कहा कि राजभाषा के प्रयोग और प्रसार के लिए केवल नियमित काम ही पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए नए और रचनात्मक प्रयास भी जरूरी हैं, ताकि सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को नई गति मिल सके।
यात्रियों से जुड़ी जानकारी हिंदी-अंग्रेजी में देने के निर्देश
महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने कहा कि यात्रियों और ग्राहकों को बेहतर सेवा और सुविधा देना रेलवे की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए रेलवे स्टेशनों और अन्य ग्राहक संपर्क स्थानों पर यात्री सुविधाओं से जुड़ी जानकारी, साइनेज, इलेक्ट्रॉनिक सूचनाएं, नाम और पदनाम बैज, रसीदों आदि में आवश्यकतानुसार हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने इन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
‘रेल संगम’ के झांसी मंडल विशेषांक का विमोचन
कार्यक्रम की शुरुआत में महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय की त्रैमासिक राजभाषा पत्रिका ‘रेल संगम’ के झांसी मंडल विशेषांक का विमोचन किया।
इस अवसर पर वैगन मरम्मत कारखाना, झांसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री अजय श्रीवास्तव ने कारखाने की ओर से एक प्रभावशाली और विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। महाप्रबंधक और उपस्थित अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण की सराहना की।
राजभाषा पखवाड़े के कार्यक्रमों की जानकारी दी
बैठक में मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं वरिष्ठ उप महाप्रबंधक श्री विनीत कुमार श्रीवास्तव ने समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह और सभी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने राजभाषा के प्रयोग और प्रसार के लिए किए गए कार्यों तथा हासिल उपलब्धियों की जानकारी दी।
उन्होंने राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की और सभी सदस्यों से अधिक से अधिक भागीदारी कर कार्यक्रम को सफल बनाने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम में सभी प्रधान विभागाध्यक्ष, मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक, कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधक, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री यथार्थ पाण्डेय ने कार्यक्रम का संचालन किया। वहीं, उप मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं उप वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी/भंडार डॉ. गरिमा त्रिपाठी ने महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह और सभी सदस्य अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।