Saturday, October 10, 2026 10:59:27 PM

गाजियाबाद में ऑपरेशन कवच 2.0, 13 बसों पर कार्रवाई
गाजियाबाद में ‘ऑपरेशन कवच 2.0’ तेज, 13 अनधिकृत बसों पर कार्रवाई

गाजियाबाद में ऑपरेशन कवच 2.0 के तहत 13 अनधिकृत बसों पर कार्रवाई हुई। 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों में 32 की पहचान कर स्क्रैपिंग प्रक्रिया शुरू की गई।

गाजियाबाद में ‘ऑपरेशन कवच 20’ तेज 13 अनधिकृत बसों पर कार्रवाई
गाजियाबाद में ऑपरेशन कवच 2.0, 13 बसों पर कार्रवाई |

गाजियाबाद में अनधिकृत बसों पर रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ‘ऑपरेशन कवच 2.0’ अभियान तेज कर दिया है।

अभियान के दूसरे दिन भी परिवहन विभाग की टीमों ने जिले के अलग-अलग इलाकों में चेकिंग की और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर कार्रवाई की।

इस दौरान मुख्य सड़कों, हाईवे, बस अड्डों और संवेदनशील स्थानों पर बसों की जांच की गई। टीमों ने बसों के परमिट, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और दूसरे जरूरी दस्तावेज चेक किए।

चेकिंग के दौरान बिना परमिट चल रही या परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाली 13 बसों के चालान किए गए। साथ ही इन बसों को बंद करने की कार्रवाई भी की गई।

यह अभियान एआरटीओ प्रवर्तन विनीत कुमार मिश्र, अमित राजन राय, अंकिता शुक्ला और आकांक्षा सिंह पटेल की टीमों ने चलाया।

विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ चलने वाली बसों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना है।

पुराने वाहनों पर भी कार्रवाई

‘ऑपरेशन कवच 2.0’ के तहत राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT के निर्देशों का पालन करते हुए पुराने वाहनों पर भी विशेष कार्रवाई की गई।

परिवहन विभाग की टीमों ने 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों में से 32 वाहनों की पहचान की।

नियमों के अनुसार इन वाहनों को रजिस्टर्ड वाहन स्क्रैपिंग सेंटरों से स्क्रैप कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, पुराने और खराब वाहनों को सड़कों से हटाना वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को बचाने के लिए जरूरी है। इसी को लेकर वाहन मालिकों को स्क्रैपिंग प्रक्रिया के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

RWA प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक

इसी कड़ी में एआरटीओ प्रवर्तन विनीत कुमार मिश्र और अंकिता शुक्ला ने RWA प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठक में सोसाइटी और अपार्टमेंट में लंबे समय से खड़े पुराने और खराब वाहनों की पहचान करने पर चर्चा हुई।

साथ ही वाहन मालिकों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटरों के जरिए अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए प्रेरित करने की बात भी कही गई।


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