अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई सही |
गोरखपुर-अयोध्या स्नातक क्षेत्र से भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह आज सुल्तानपुर पहुंचे। यहां पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई का समर्थन
सहारनपुर और मुरादाबाद में मस्जिदों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देवेंद्र सिंह ने इसे सही बताया। उन्होंने कहा कि अगर कोई अवैध काम करेगा तो कार्रवाई उसी के खिलाफ होगी।
एमएलसी ने कहा कि देशभर में जितने भी अवैध निर्माण हुए हैं, सरकार उन सभी को गिराएगी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार सनातन के मूल्यों, परंपराओं और आस्था के केंद्रों को बढ़ावा देने के साथ-साथ अवैध कामों को रोकने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
देवेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों की आम धारणा है कि जितने भी अवैध ढांचे हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए। उन्होंने हाईकोर्ट परिसर, रेलवे लाइनों और आस्था के केंद्रों पर कथित कब्जों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि अब समय बदल रहा है और ऐसी सरकार है जो सनातन की आस्था, विश्वास और परंपराओं के केंद्रों को विकसित करेगी और गुलामी के प्रतीकों को मिटाएगी।
अखिलेश यादव और PDA पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव की ओर से दलित वोटों को आकर्षित करने की कोशिश और छात्र सभा के लिए नीले ड्रेस लॉन्च किए जाने के सवाल पर भाजपा एमएलसी ने कहा कि हर राजनीतिक दल समाज के अलग-अलग वर्गों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करता है।
उन्होंने कहा कि दलित समाज इतना नासमझ नहीं है। वह जानता है कि उसे कहां जाना है। देवेंद्र सिंह ने दावा किया कि इससे अखिलेश यादव को कोई फायदा नहीं मिलेगा।
PDA के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि लोग इसके झांसे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देशहित में योगी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनना जरूरी है।
‘हनुमान अंश’ फिल्म पर क्या बोले देवेंद्र सिंह?
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी की ‘हनुमान अंश’ फिल्म को लेकर हिंदू वोट बैंक को एकजुट करने वाली टिप्पणी पर देवेंद्र सिंह ने कहा कि उनका नजरिया एकतरफा है।
उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी लोगों की आस्था है। उन्होंने Apple और Facebook जैसी बड़ी कंपनियों के प्रमुखों के भारत आने और नीम करौली महाराज से जुड़े प्रसंग का भी जिक्र किया।
देवेंद्र सिंह ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों का बनना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के बेटों को दीवार में जिंदा चुनवाए जाने की घटना, भगत सिंह, अशफाक उल्ला खान और पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जैसे वीरों पर भी फिल्में बननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब वह दौर खत्म होना चाहिए जब वामपंथी इतिहासकारों द्वारा मुगलों का यशगान किया जाता था। उनके मुताबिक भारत के वीर सपूतों का इतिहास भी पढ़ाया जाना चाहिए और इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
एमएलसी ने कहा कि अगर देश को आत्मनिर्भर भारत बनाना है तो गुलामी के प्रतीकों को मिटाने के साथ देश के बलिदानियों का इतिहास पढ़ाना होगा।