बलरामपुर हत्याकांड का नया खुलासा |
बलरामपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के झउहना ग्राम पंचायत के गोसाई पुरवा में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या और आत्महत्या के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। अब तक पुलिस इस मामले में पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन और मानसिक स्थिति को जांच का आधार मान रही थी। वहीं अब परिजनों ने दावा किया है कि मृतक बजरंगी गिरी पिछले कई महीनों से एक स्थानीय तांत्रिक के प्रभाव में था।
परिजनों के अनुसार, तांत्रिक की कुछ बातें पहले संयोगवश सही साबित हुईं, जिसके बाद बजरंगी का उस पर विश्वास बढ़ता चला गया। सबसे गंभीर दावा यह है कि तांत्रिक ने उससे कहा था कि "4 अगस्त तक तुम्हारी मौत हो जाएगी।" इसके बाद वह लगातार डर और मानसिक दबाव में रहने लगा। हालांकि, इस दावे की अभी तक पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।
चार लोगों की मिली थीं लाशें
शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे गोसाई पुरवा स्थित घर में बजरंगी गिरी (28), उसकी पत्नी कोमल (25), तीन वर्षीय बेटी श्रद्धा और 10 महीने के बेटे जयदीप के शव मिले थे।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि पहले पत्नी और दोनों बच्चों को गोली मारी गई, जिसके बाद बजरंगी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से तीन पिस्टल भी बरामद हुई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
कैसे बढ़ा तांत्रिक पर विश्वास
मृतक के छोटे भाई राम गिरी के ससुर श्रवण कुमार, निवासी करनैलगंज, ने बताया कि बजरंगी कई महीनों से एक स्थानीय तांत्रिक के संपर्क में था।
उनके मुताबिक, तांत्रिक ने सबसे पहले परिवार की पुरानी घटनाओं का जिक्र किया। उसने वर्ष 2023 में परिवार के एक सदस्य की आत्महत्या और करीब एक साल पहले पिता की मौत की बात बताई। यह सुनकर बजरंगी को लगा कि तांत्रिक को उसके परिवार के बारे में विशेष जानकारी है और यहीं से उसका विश्वास बढ़ने लगा।
इसके बाद तांत्रिक ने कहा कि उसके घर का एक हिस्सा अशुभ स्थान पर बना है और उसे हटाना होगा, नहीं तो बड़ा अनिष्ट होगा। परिजनों के अनुसार, करीब छह महीने पहले बजरंगी ने बुलडोजर से घर का वह हिस्सा तुड़वा दिया।
कुछ समय बाद तांत्रिक ने यह भी कहा कि उसकी चारपहिया गाड़ी में आग लग जाएगी। संयोग से करीब दो महीने पहले उसकी गाड़ी आग लगने की घटना में जल गई। इन घटनाओं के बाद बजरंगी पूरी तरह तांत्रिक की बातों पर भरोसा करने लगा।
"4 अगस्त तक मौत हो जाएगी"
परिजनों का दावा है कि कुछ दिन पहले तांत्रिक ने बजरंगी से कहा था कि 4 अगस्त तक उसकी मौत निश्चित है।
इसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा। वह कई लोगों से कहता था कि अगर उसे कुछ हो जाए तो उसके परिवार का ध्यान रखा जाए। वह अपने परिचितों से बकाया रुपये वापस लेने और सभी हिसाब-किताब पूरा करने की भी बात करता था।
श्रवण कुमार के अनुसार, बजरंगी कई बार उनसे भी अपनी मौत की आशंका का जिक्र कर चुका था। वह कहता था कि तांत्रिक की पहले की बातें सच हुई हैं, इसलिए अब उसे अपनी मौत का डर सताने लगा है। हालांकि परिवार उसे समझाता था कि ऐसी बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए, लेकिन वह मानसिक रूप से काफी दबाव में दिखाई देता था।
कार्यक्रम में दिखा था सामान्य
घटना से ठीक पहले 29 जुलाई को बजरंगी अपने पूरे परिवार के साथ करनैलगंज में छोटे भाई की नवजात बेटी के स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुआ था।
वह वहां डीजे पर नाचा, रिश्तेदारों से हंसी-मजाक किया और बिल्कुल सामान्य नजर आया। घटना वाले दिन दोपहर तक भी उसने लोगों से सामान्य बातचीत की थी, लेकिन करीबी लोगों का कहना है कि बातचीत के दौरान वह कई बार अपनी संभावित मौत की आशंका भी जताता था।
किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
बकाया रुपये लेने गया था
मृतक के बड़े भाई मेवाराम गिरी ने बताया कि घटना वाले दिन बजरंगी कोड़ारी चौराहे पर किसी से अपने बकाया रुपये लेने गया था। वहां से लौटने के बाद वह घर पहुंचा और शाम को यह घटना हो गई।
पुलिस को जांच के दौरान एक वीडियो भी मिला है, जिसमें बजरंगी कथित तौर पर लेन-देन और बकाया रकम की बात करता दिखाई दे रहा है। हालांकि यह वीडियो सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस इसे जांच का हिस्सा मानकर आर्थिक विवाद के पहलू की भी पड़ताल कर रही है।
चार भाइयों में था एक
परिवार के अनुसार, चार भाइयों में बजरंगी अपने परिवार के साथ गांव में रहता था। बड़े भाई मुंबई में कारोबार करते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद वे बलरामपुर पहुंचे।
परिजनों का कहना है कि परिवार आर्थिक रूप से किसी बड़े संकट में नहीं था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से बजरंगी के व्यवहार में बदलाव जरूर देखने को मिल रहा था।
पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि बजरंगी ने पहले पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या की और फिर खुद आत्महत्या कर ली।
उन्होंने कहा कि घटनास्थल से मिली तीनों पिस्टलों की वैधानिकता और इस्तेमाल की जांच की जा रही है। साथ ही आर्थिक लेन-देन, पारिवारिक परिस्थितियों, मानसिक स्थिति सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवीपाटन मंडल के डीआईजी भी देर रात मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को निष्पक्ष व जल्द जांच पूरी करने के निर्देश दिए।
सबसे बड़ा सवाल
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर परिजनों के दावे सही हैं, तो क्या बजरंगी लगातार डर और मानसिक दबाव में जी रहा था? क्या तांत्रिक की कथित भविष्यवाणियों ने उसके मन पर इतना असर डाला कि उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया? या फिर इसके पीछे आर्थिक या अन्य कारण ज्यादा अहम थे?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल इतना तय है कि बलरामपुर का एक पूरा परिवार हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। वहीं तांत्रिक की कथित भविष्यवाणी, मानसिक दबाव और आर्थिक विवाद जैसे पहलुओं ने इस मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है। हालांकि, तांत्रिक से जुड़े दावों की अभी तक पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।