दिलीप ट्रॉफी फाइनल में तिलक-वैभव की नोकझोंक |
दिलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में रविवार को साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा और ईस्ट जोन के उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी के बीच मैदान पर बहस देखने को मिली। शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत मजाकिया अंदाज में हो रही थी, लेकिन कुछ देर बाद मामला गरमा गया। स्थिति बिगड़ने से पहले अंपायरों ने बीच में आकर दोनों खिलाड़ियों को अलग कर दिया।
11वें ओवर में शुरू हुई बातचीत और स्लेजिंग
ईस्ट जोन की पारी के 11वें ओवर में तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी का ध्यान भटकाने की कोशिश की। स्टंप माइक में तिलक की आवाज भी सुनाई दी। उन्होंने वैभव से कहा, “क्या यार, ये वाइस-कैप्टन...”
शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत हल्के-फुल्के अंदाज में रही। कैमरे में दोनों को हंसते और बातचीत करते हुए भी देखा गया।
बढ़ी बहस तो अंपायरों ने संभाला मामला
कुछ देर बाद तिलक वर्मा वैभव के करीब पहुंचे और हाथ से ऐसा इशारा किया, जो मुक्का मारने जैसा दिखाई दिया। इसके बाद वैभव भी पीछे हटने के बजाय उनका सामना करते नजर आए।
दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। हालांकि, दोनों के बीच पूरी बातचीत में क्या कहा गया, यह साफ नहीं हो सका। मामला बढ़ता देख अंपायरों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों खिलाड़ियों को अलग कर दिया।
वैभव ने खेली 44 रन की पारी
इस बहस का वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पर तुरंत कोई असर नहीं दिखा। बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने शुरुआत से ही साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
वैभव ने 37 गेंदों में 44 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 1 छक्का शामिल था। उन्होंने मोहम्मद सिराज के एक ओवर में दो चौके और एक छक्का भी लगाया। हालांकि, आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में वह आउट हो गए। स्लेजिंग की घटना के कुछ ही समय बाद उनका विकेट गिरा।
वैभव को देखने पहुंचे 12 हजार से ज्यादा दर्शक
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने के लिए दलीप ट्रॉफी फाइनल में 12 हजार से ज्यादा दर्शक स्टेडियम पहुंचे। दर्शकों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन को तीन अतिरिक्त स्टैंड खोलने पड़े।
आमतौर पर घरेलू मैच में इतनी बड़ी संख्या में दर्शक देखने को नहीं मिलते। पहले फाइनल बेंगलुरु में होना था, लेकिन बाद में BCCI ने इसे चेपॉक शिफ्ट कर दिया, ताकि ज्यादा से ज्यादा फैंस मैच देख सकें।
वैभव आउट हुए तो खाली होने लगा स्टैंड
वैभव ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्का भी लगाया। 37 गेंदों में 44 रन की पारी के दौरान उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का लगाया।
93 मिनट तक बल्लेबाजी करने के बाद जैसे ही साउथ जोन के चामा मिलिंद ने उन्हें आउट किया, C लोअर स्टैंड से दर्शकों के निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद धीरे-धीरे लगभग पूरा स्टैंड खाली हो गया।
श्रीकांत ने भी की वैभव की तारीफ
पूर्व भारतीय क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव में वर्ल्ड क्रिकेट में बड़ा नाम बनने की क्षमता है और उन्हें सिर्फ आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता।
श्रीकांत ने कहा कि वैभव लोगों को घरेलू क्रिकेट देखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि वैभव की वजह से उनकी पत्नी भी दलीप ट्रॉफी देख रही हैं।
श्रीकांत का मानना है कि सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट का खोया हुआ वैभव वापस लाने में मदद कर सकते हैं।
वैभव का असर स्टेडियम से आगे भी दिखा
सूर्यवंशी का असर सिर्फ दलीप ट्रॉफी तक सीमित नहीं रहा। श्रीलंका में 9 से 21 जून तक खेली गई इंडिया-ए, अफगानिस्तान और श्रीलंका की त्रिकोणीय सीरीज का भी टेलीकास्ट किया गया। आमतौर पर इस तरह की सीरीज बिना टेलीकास्ट के खेली जाती है।
वैभव सूर्यवंशी अब तक भारत के लिए 6 टी-20 मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 189.22 की स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं।