स्पाइसजेट दुबई फ्लाइट देरी |
स्पाइसजेट की दिल्ली से दुबई जाने वाली दो फ्लाइट 24 घंटे से ज्यादा देर से चलीं। फ्लाइट में लगातार हो रही देरी से परेशान करीब 200 यात्रियों ने मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के अंदर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान यात्रियों ने एयरलाइन के खिलाफ “एयरलाइन चोर है” के नारे भी लगाए।
यात्री सोमवार से अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। बताया गया कि बिना कोई साफ वजह बताए दोनों फ्लाइट के समय में बार-बार बदलाव किया गया। मंगलवार दोपहर तक भी दोनों फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकीं।
इनमें पहली फ्लाइट SG 5111 थी, जिसे सोमवार सुबह 8:30 बजे दिल्ली से उड़ना था और सुबह 11:15 बजे दुबई पहुंचना था। वहीं दूसरी फ्लाइट SG 5105 को सोमवार रात 10:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरनी थी और रात 12:55 बजे दुबई पहुंचना था।
समय पर उड़ान भरने के मामले में स्पाइसजेट का इस साल का रिकॉर्ड दूसरी बड़ी एयरलाइंस के मुकाबले खराब रहा है। जुलाई में स्पाइसजेट की केवल 34.5% फ्लाइट ही समय पर उड़ान भर पाईं।
स्पाइसजेट ने बताई देरी की वजह
स्पाइसजेट के मुताबिक, एक विमान के ग्राउंडेड होने के कारण ऑपरेशनल दिक्कतें आईं और इसी वजह से दोनों फ्लाइट में देरी हुई। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से दुबई भेजने की व्यवस्था शुरू कर दी है।
विमान के ग्राउंडेड होने का मतलब है कि उसे उड़ान भरने से रोक दिया गया है। आमतौर पर ऐसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा से जुड़े कारण या किसी आधिकारिक आदेश की वजह से हो सकता है।
एयरलाइन ने इस घटना को लेकर यात्रियों से माफी भी मांगी। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों को जल्द से जल्द दूसरी फ्लाइट से दुबई पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
स्पाइसजेट के ऑपरेशन पर DGCA की नजर
स्पाइसजेट इस समय कई दूसरी चुनौतियों का भी सामना कर रही है। जुलाई में एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 1.6% रही, जबकि जून में यह 1.9% थी। यानी एक महीने में एयरलाइन की बाजार हिस्सेदारी 0.3 प्रतिशत अंक कम हुई।
जुलाई में स्पाइसजेट ने 1.87 लाख यात्रियों को सफर कराया। वहीं, इसी दौरान इंडिगो की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 67.4%, एयर इंडिया ग्रुप की 24% और अकासा एयर की 5.5% रही।
पिछले हफ्ते नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA स्पाइसजेट की वित्तीय स्थिति और उसके ऑपरेशन पर करीबी नजर रख रहे हैं।