राजस्थान में 10 जुलाई से ओबीसी सर्वे |
राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले ओबीसी आरक्षण तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग 10 जुलाई से पूरे प्रदेश में घर-घर जाकर ऑनलाइन सर्वे शुरू करेगा। यह सर्वे 23 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद आयोग आंकड़ों का विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके आधार पर पंचायत और निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम 90 दिन का समय लगेगा। ऐसे में यदि चुनाव प्रक्रिया अगस्त में शुरू होती है, तो इसके अक्टूबर तक चलने की संभावना है।
इस बीच ओबीसी आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सर्वे में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले रोकने का अनुरोध किया है। आयोग का कहना है कि 19 जून से 10 जुलाई तक तबादलों पर लगी रोक में छूट दी गई है और कई विभागों में स्थानांतरण किए जा रहे हैं। यदि सर्वे में नियुक्त कर्मचारियों को नई जगह भेजा गया तो सर्वे का काम प्रभावित हो सकता है और रिपोर्ट तैयार होने में देरी हो सकती है।
आयोग ने अनुरोध किया है कि जिला कलेक्टरों द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, संदर्भ व्यक्ति और प्रगणक सर्वे पूरा होने तक अपने वर्तमान पदस्थापन पर ही कार्य करें।
आयोग के सचिव (सलाहकार) अशोक कुमार जैन द्वारा 8 जुलाई को जारी पत्र में बताया गया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इसी आधार पर आयोग पंचायत और स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण को लेकर अपनी सिफारिश तैयार करेगा।
पत्र के अनुसार, 7 जुलाई को नोडल अधिकारियों और सहायक नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जबकि 8 और 9 जुलाई को संदर्भ व्यक्तियों और प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद 10 से 23 जुलाई तक पूरे प्रदेश में घर-घर जाकर ऑनलाइन सर्वे किया जाएगा।
आयोग ने सरकार से अनुरोध किया है कि सर्वे में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को सर्वे पूरा होने तक स्थानांतरण के बावजूद कार्यमुक्त न किया जाए, ताकि पंचायत और निकाय चुनावों के लिए ओबीसी आरक्षण संबंधी सर्वे तय समय में पूरा हो सके।