Thursday, October 08, 2026 06:32:29 PM

पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन
पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन, छह जगह रेलवे ट्रैक पर धरना

पंजाब में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर छह जगहों पर रेल रोको आंदोलन शुरू किया। मोगा और सुनाम में रेलवे ट्रैक पर धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।

पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन छह जगह रेलवे ट्रैक पर धरना
पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन |

पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने अपनी मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया है। मोगा में केकेएम चैप्टर पंजाब से जुड़ी आठ किसान जत्थेबंदियों ने गांव महेश्वरी संधूया में रेलवे ट्रैक पर धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

किसानों को रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान बैरिकेडिंग पार कर रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए। इस दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

किसान नेता बलदेव सिंह जीरा ने कहा कि किसान पहले डीसी कार्यालयों और पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर धरना दे रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से किसानों को रेलवे ट्रैक जाम करना पड़ा।

किसानों के अनुसार अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम सहित छह जगहों पर रेल यातायात रोका गया है। मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी रहेंगे।

किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगों से अवगत कराया गया था। 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी धरने दिए गए थे।

किसानों की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम को लेकर स्पष्टीकरण, शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा और मूंग, मक्का, आलू समेत पांच फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी शामिल है। किसान नेताओं के मुताबिक आंदोलन के दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए।

सुनाम में भी रेलवे ट्रैक पर धरना

सुनाम में मंत्री के आवास के बाहर तीन दिन तक धरना देने के बाद भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने आंदोलन तेज कर दिया। आंदोलन के चौथे दिन गुरुवार को किसानों ने दोपहर करीब 12 बजे जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर धरना शुरू कर दिया।

किसान नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि तीन दिन तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने को देखते हुए रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


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