Saturday, October 10, 2026 11:32:40 PM

SIR पर 30 सितंबर को विपक्ष की संभावित बैठक
SIR विवाद पर विपक्षी दलों की बढ़ी हलचल, 30 सितंबर को दिल्ली में हो सकती है INDIA गठबंधन की बैठक

SIR और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच INDIA गठबंधन के कई दल 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक कर सकते हैं। बैठक में चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।

sir विवाद पर विपक्षी दलों की बढ़ी हलचल 30 सितंबर को दिल्ली में हो सकती है india गठबंधन की बैठक
SIR पर 30 सितंबर को विपक्ष की संभावित बैठक |

नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच INDIA गठबंधन में शामिल कई विपक्षी दल 30 सितंबर को नई दिल्ली में बैठक कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में SIR प्रक्रिया, चुनाव आयोग के कामकाज और इससे जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विपक्षी दलों के बीच यह हलचल उस रिपोर्ट के बाद तेज हुई है, जिसमें चुनाव आयोग के अंदर SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर मतभेद होने का दावा किया गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं और आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।

ममता बनर्जी से एमए बेबी ने की बात

माकपा, भाकपा और भाकपा माले लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस भी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल उठा रही है।

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 29 सितंबर को होनी है, जिसमें पार्टी इस मुद्दे पर अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकती है।

इस बीच माकपा महासचिव एमए बेबी ने INDIA गठबंधन और दूसरे विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बातचीत की है। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच विपक्षी दलों के समन्वय को लेकर चर्चा हुई है।

ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए एक नए प्रस्ताव पर भी काम कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार कानूनी विशेषज्ञों से इसकी जांच कराने के बाद इसे संसद के दोनों सदनों में पेश करने पर विचार किया जा रहा है। ऐसा हुआ तो यह विपक्ष की ओर से इस तरह का तीसरा प्रयास होगा।

विपक्ष की गतिविधियां द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट के बाद तेज हुई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार मतदाता सूची और SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी।

चुनाव आयोग का क्या है पक्ष?

वहीं चुनाव आयोग ने मतभेद से जुड़े सवालों पर कहा है कि बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामने आना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग अपने फैसलों और प्रक्रियाओं को कानून के अनुरूप बताता रहा है।

इससे पहले 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने भी SIR और चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश से सामूहिक रूप से संपर्क किया था।

अब 30 सितंबर को संभावित बैठक में विपक्षी दल आगे क्या रणनीति बनाते हैं, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।


सम्बन्धित सामग्री







हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें!

विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें