Saturday, October 10, 2026 11:38:08 PM

सत्य निकेतन हादसे के बाद DU पर NSUI के सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद DU प्रशासन पर NSUI के सवाल, कुलपति के इस्तीफे की मांग

सत्य निकेतन हादसे के बाद DU के कार्यक्रम में कुलपति की मौजूदगी पर NSUI ने सवाल उठाए। संगठन ने प्रभावित परिवारों के प्रति जवाबदेही, हॉस्टल सुरक्षा ऑडिट और कुलपति के इस्तीफे की मांग की।

सत्य निकेतन हादसे के बाद du प्रशासन पर nsui के सवाल कुलपति के इस्तीफे की मांग
सत्य निकेतन हादसे के बाद DU पर NSUI के सवाल |

सत्य निकेतन हादसे के कुछ दिनों बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में कुलपति की मौजूदगी को लेकर NSUI ने सवाल उठाए हैं। आर्ट्स फैकल्टी के पास NSUI सदस्यों ने प्रदर्शन कर हादसे से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की।

संगठन ने छात्रों के लिए हॉस्टल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है।

कुलपति की मौजूदगी पर उठे सवाल

NSUI के मुताबिक, सत्य निकेतन की दुखद घटना के कुछ ही दिनों बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति आर्ट्स फैकल्टी के पास आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हादसे से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन को जवाबदेह होना चाहिए।

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सवाल किया कि हादसे के बाद कुलपति ने प्रभावित छात्रों के कितने परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और कितने छात्रों से मिलकर उनका हाल जाना।

हॉस्टल और छात्र आवास को लेकर भी सवाल

विनोद जाखड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के आवास और हॉस्टल की सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि DU प्रशासन छात्रों के आवास से जुड़े मुद्दों पर स्थिति साफ करने से क्यों बच रहा है।

NSUI का कहना है कि सत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती हॉस्टल की कमी को सामने ला दिया है।

संगठन के मुताबिक, पर्याप्त विश्वविद्यालय हॉस्टल नहीं होने के कारण छात्रों को निजी आवासों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे आवासों में सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।

सुरक्षित और किफायती हॉस्टल की मांग

NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय से छात्रों के लिए सुरक्षित, किफायती और पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। साथ ही छात्रों के रहने की जगहों पर तय सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

NSUI ने मांगा कुलपति का इस्तीफा

विनोद जाखड़ ने कहा कि छात्रों की जान और सुरक्षा के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन चुप नहीं रह सकता।

उन्होंने कहा कि अगर DU प्रशासन छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने, हॉस्टल संकट दूर करने और हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने में सक्षम नहीं है, तो कुलपति के पद पर बने रहने का नैतिक आधार नहीं बचता।

इसी आधार पर NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग

NSUI ने सत्य निकेतन हादसे की परिस्थितियों की तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

संगठन ने DU छात्रों के लिए सुरक्षित, किफायती और पर्याप्त हॉस्टल उपलब्ध कराने के साथ-साथ विश्वविद्यालय के हॉस्टलों और छात्रों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे निजी आवासों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग भी रखी है।

इसके अलावा, प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से तुरंत संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है। छात्रों की सुरक्षा और आवास से जुड़ी शिकायतों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया है।

छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग

NSUI ने कहा कि छात्रों की जिंदगी और सुरक्षा को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संगठन के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय को कार्यक्रमों और अन्य औपचारिक गतिविधियों से पहले छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।


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