लालबागचा राजा का पहला लुक जारी |
गणेश चतुर्थी के त्योहार से पहले शुक्रवार शाम मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा का पहला लुक जारी किया गया। लालबागचा राजा मुंबई की सबसे प्रसिद्ध गणेश प्रतिमाओं में शामिल है और हर साल गणेश उत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इस बार भी लालबागचा राजा की भव्य प्रतिमा को बेहद खूबसूरती और खास कलाकारी के साथ तैयार किया गया है। प्रतिमा सिंहासन पर विराजमान है और उनका स्वरूप शांत, दयालु और प्रेम से भरा हुआ नजर आ रहा है। लालबागचा राजा सिर्फ एक गणेश प्रतिमा नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, शानदार कला और मुंबई की जीवंत संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।
गणेश चतुर्थी 2026 का त्योहार 14 सितंबर से शुरू होगा। इसके साथ ही मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गणेश उत्सव की रौनक देखने को मिलेगी।
लालबागचा राजा की यह प्रसिद्ध गणपति प्रतिमा लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल से जुड़ी है, जो पुटलाबाई चाल में स्थित है। इस पूजा स्थल की स्थापना साल 1934 में हुई थी। तब से यह मुंबई के गणेश चतुर्थी उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
पिछले आठ दशकों से कांबली परिवार लालबागचा राजा की गणपति प्रतिमा की देखभाल करता आ रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन और आशीर्वाद लेते हैं। यही वजह है कि लालबागचा राजा का पहला लुक सामने आना गणेश उत्सव की बड़ी घटनाओं में गिना जाता है।
गणेश चतुर्थी भाद्रपद महीने की चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक चलने वाला दस दिवसीय त्योहार है। इसे विनायक चतुर्थी और विनायक चवथी के नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान भगवान गणेश की पूजा नए काम की शुरुआत, बाधाओं को दूर करने, ज्ञान और बुद्धि के देवता के रूप में की जाती है।
मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में गणेश चतुर्थी बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। लोग अपने घरों में गणेश प्रतिमा स्थापित करते हैं, व्रत रखते हैं, पारंपरिक पकवान बनाते हैं और अलग-अलग पंडालों में जाकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं। लालबागचा राजा का पंडाल भी हर साल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बना रहता है।