Sunday, August 16, 2026 10:26:30 AM

जयपुर स्कूल हंगामा
जयपुर के मूक-बधिर स्कूल में छात्रों का प्रदर्शन, प्रिंसिपल हटाए गए, शिक्षक और कर्मचारी APO

शौचालय, पेयजल और जर्जर भवन की शिकायतों को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को हटाया और विशेष समिति का गठन किया।

जयपुर के मूक-बधिर स्कूल में छात्रों का प्रदर्शन प्रिंसिपल हटाए गए शिक्षक और कर्मचारी apo
जयपुर स्कूल हंगामा |

राजधानी जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को छात्रों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर प्रदर्शन किया। शौचालयों की खराब स्थिति, पेयजल संकट और जर्जर भवन से परेशान दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने स्कूल परिसर में विरोध जताया।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी स्कूल पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अशोक गहलोत ने कहा कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की गई है जिन्हें स्वयं साइन लैंग्वेज का पर्याप्त ज्ञान नहीं है, जबकि विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं की स्थिति भी बेहद खराब है।

छात्रों ने बताया कि स्कूल में लंबे समय से शौचालय उपयोग योग्य नहीं हैं, कई कक्षाओं की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आशा गुप्ता ने विद्यालय का निरीक्षण किया। जांच में सफाई व्यवस्था, भवन की स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में कई खामियां सामने आने के बाद विभाग ने प्रिंसिपल भारत जोशी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। साथ ही एक शिक्षक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को APO (Awaiting Posting Order) कर दिया गया। विद्यालय के सुचारु संचालन के लिए वाइस प्रिंसिपल को कार्यवाहक प्रिंसिपल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शिक्षा विभाग ने स्कूल की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष समिति का भी गठन किया है। यह समिति भवन, पेयजल, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का आकलन कर रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य कराए जाएंगे।

विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों की सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और स्कूल में सामने आई सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।


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