JPSC-JSSC छात्रों का आंदोलन |
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। आंदोलन के 11वें दिन भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर जुटे रहे। छात्रों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मंगलवार शाम से पांच अभ्यर्थियों के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की।
धरना स्थल पर झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी छात्र पहुंच रहे हैं और आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। आंदोलन में लगातार नए अभ्यर्थियों के शामिल होने से प्रदर्शन और मजबूत होता जा रहा है।
धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे पिछले 11 दिनों से खुले आसमान के नीचे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। छात्र नेता पीयूष सिंह, आशा कुमारी और अन्य अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित अधिकारी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि हजारों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, फिर भी सरकार बातचीत से बच रही है।
आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि मंगलवार शाम से पांच छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा अन्य राज्यों के छात्र भी इसमें शामिल होंगे।
छात्रों की प्रमुख मांग है कि JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं की सीबीआई से जांच कराई जाए। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार और भविष्य में पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई गई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है और निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आएगी।
इस आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो का भी समर्थन मिला है। वह छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से सीधे संवाद करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, उनका अनशन जारी रहेगा।
भूख हड़ताल पर बैठने वाले अभ्यर्थियों ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी सबसे बड़ी मांग पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि इन मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।