खंडवा में कुत्तों का आतंक |
मध्य प्रदेश के खंडवा में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में एक व्यक्ति को कुत्ते की पोशाक पहनाकर अपने साथ ले पहुंचे। इस अनोखे प्रदर्शन को देखकर वहां मौजूद लोग और अधिकारी हैरान रह गए। कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया।
मुल्लू राठौर का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नगर निगम के नसबंदी अभियान पर भी सवाल उठाए।
उनके मुताबिक, साल 2024 में नगर निगम ने 3,168 कुत्तों की नसबंदी का दावा किया और इसके लिए निगम के खजाने से 33 लाख 20 हजार रुपये खर्च किए गए। यानी एक कुत्ते की नसबंदी पर करीब 1,048 रुपये खर्च दिखाया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर हजारों कुत्तों की नसबंदी हुई है, तो फिर शहर में आवारा कुत्तों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ क्यों रही है? उन्होंने नसबंदी के आंकड़ों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
4 साल में 13 हजार से ज्यादा डॉग बाइट का दावा
मुल्लू राठौर ने अपर कलेक्टर को दिए ज्ञापन में दावा किया कि पिछले चार साल में 13,225 लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे हैं। उनका कहना है कि इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में डर का माहौल है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर में आवारा कुत्तों के साथ-साथ बेसहारा मवेशी भी लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं और इनकी वजह से सड़क हादसों का खतरा बढ़ रहा है।
ऑडिट और FIR की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने नसबंदी अभियान के खर्च की तकनीकी और वित्तीय जांच, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित कंपनी के दस्तावेजों की जांच की मांग की है।
उन्होंने नसबंदी किए गए कुत्तों की वास्तविक संख्या और काम की गुणवत्ता की मौके पर जांच कराने के साथ दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी की।
वहीं, अपर कलेक्टर काशीराम बडोले ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।