Sunday, August 16, 2026 10:07:39 AM

वीव्स ऑफ इंडिया फेस्टिवल शुरू
जनपथ में शुरू हुआ 'वीव्स ऑफ इंडिया फेस्टिवल', 116 पारंपरिक हथकरघा बुनाइयों का भव्य प्रदर्शन।

नई दिल्ली में 'वीव्स ऑफ इंडिया फेस्टिवल' शुरू, 7 अगस्त तक देशभर की 116 पारंपरिक हथकरघा बुनाइयों की प्रदर्शनी।

जनपथ में शुरू हुआ वीव्स ऑफ इंडिया फेस्टिवल 116 पारंपरिक हथकरघा बुनाइयों का भव्य प्रदर्शन।
वीव्स ऑफ इंडिया फेस्टिवल शुरू |

भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा और बुनकरों की अद्भुत कला को समर्पित 'वीव्स ऑफ इंडिया फेस्टिवल' का शुभारंभ  सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज़ एम्पोरियम (द कॉटेज), जनपथ, नई दिल्ली में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नीलम शमी राव, सचिव, वस्त्र मंत्रालय ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जबकि डॉ. एम. बीना, विकास आयुक्त (हथकरघा) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। आगामी हैंडलूम दिवस के उपलक्ष में इस फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। 

वस्त्र मंत्रालय, विकास आयुक्त (हथकरघा) और सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज़ एम्पोरियम (सीसीआईसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रदर्शनी  7 अगस्त 2026 तक चलेगी। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इस विशेष प्रदर्शनी में देशभर की 116 पारंपरिक हथकरघा बुनाइयों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया गया है।विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पारंपरिक बुनाई का प्रदर्शन कर रहे हैं ।

प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश (बनारस), पश्चिम बंगाल, असम और बिहार सहित कई राज्यों के बुनकर अपनी पारंपरिक साड़ियाँ और अन्य हथकरघा उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। यहाँ बनारसी, चंदेरी, महेश्वरी, जामदानी, मूगा और भागलपुरी सिल्क जैसी प्रसिद्ध साड़ियों के साथ-साथ हाथ से बने दुपट्टे, शॉल, और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र हैं।

डिप्टी डायरेक्टर जनरल  वस्त्र मंत्रालय और सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज कारपोरेशन के चेयरमैन श्री अखिलेश कुमार ने कहा की पारंपरिक भारतीय हथकरघा बुनाइयों (Weaves) का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी केवल खूबसूरत बुनाइयों को देखने का अवसर नहीं है, बल्कि हर बुनाई के पीछे छिपी संस्कृति, परंपरा और बुनकरों की प्रेरणादायक कहानी से रूबरू होने का भी एक माध्यम है। देश के विभिन्न राज्यों से आए बुनकर एक ही मंच पर अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे आगंतुक भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत को करीब से जान और समझ सकते हैं।

 डॉ. एम. बीना  विकास आयुक्त (हथकरघा) वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार  ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (नेशनल हैंडलूम डे ) के उपलक्ष्य में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी लोगों को सीधे बुनकरों से संवाद करने, उनके हुनर और परंपराओं को समझने तथा उनके द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट हस्तकरघा उत्पादों को देखने और खरीदने का अनूठा अवसर प्रदान करती है।

'वीव्स ऑफ इंडिया फेस्टिवल' केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध वस्त्र परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और बुनकरों की पीढ़ियों से चली आ रही कला का उत्सव है। इसका उद्देश्य भारतीय हथकरघा को प्रोत्साहन देना, बुनकरों को व्यापक मंच उपलब्ध कराना तथा देश की पारंपरिक बुनाई को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना है।


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