नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब देश के कई हिस्सों तक पहुंच गया है। इसी बीच शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। यह बैठक विट्ठल पटेल हाउस में करीब दो घंटे तक चली, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में जेपी नड्डा ने बताया कि CJP प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे हैं। सरकार ने इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से चर्चा की है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल से आपसी विचार-विमर्श करने को कहा है। इसके बाद शनिवार दोपहर दोनों पक्षों की फिर से बैठक होगी, जिसमें सरकार अपनी प्रतिक्रिया देगी।
इस बैठक में CJP की ओर से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल हुए। बैठक से पहले CJP ने सरकार के सामने दो शर्तें रखी थीं। पहली, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए और दूसरी, प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। हालांकि, संगठन अब भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर कायम है।
वहीं, परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन सोनम वांगचुक को सौंपा।
इसके बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने मौखिक नहीं, बल्कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया।