पटना में फर्जी जीजा साले नौकरी के नाम पर ठगी |
बिहार की राजधानी पटना में फर्जी जीजा-साले की जोड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और खुद को सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर लोगों पर रौब जमाते थे। पुलिस ने गुरुवार को दोनों को गिरफ्तार कर इस पूरे मामले का खुलासा किया।
जीजा खुद को बताता था स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जीजा का नाम अजय कुमार शुक्ला है। वह खुद को स्वास्थ्य विभाग का अनुभाग अधिकारी बताता था। वहीं उसका साला राजा कुमार पुलिस कॉन्स्टेबल की भूमिका निभाता था।
आरोप है कि अजय कुमार शुक्ला अपने साले को पुलिसकर्मी के रूप में आगे करके लोगों पर अधिकारी होने का प्रभाव डालता था और सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से पैसे लेता था।
सचिवालय थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार
सचिवालय थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से पुलिस की वर्दी, 2 फर्जी आईकार्ड, 3 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और स्टांप बरामद किए हैं। इसके अलावा दो IAS अधिकारियों के नाम से बनाए गए फर्जी प्रशस्ति पत्र भी मिले हैं।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब समाज कल्याण विभाग में सहायक शाखा पदाधिकारी के पद पर तैनात राजनाथ सिंह को सूचना मिली कि कल्याण विभाग के बरामदे में एक व्यक्ति बैनर लगाकर बैठा है।
बताया गया कि वह सीडीपीओ की नियुक्ति से संबंधित बैनर के जरिए वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को जानकारी दिखा रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उससे पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान उस व्यक्ति ने खुद को पटना के स्वास्थ्य विभाग की प्रशाखा-3 में पदस्थापित प्रशाखा पदाधिकारी बताया। इसके बाद जब उसके पहचान पत्र की जांच की गई तो वह फर्जी पाया गया।
पुलिस पहुंची तो सामने आया पूरा खेल
पहचान पत्र फर्जी मिलने के बाद विभाग की ओर से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सचिवालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय कुमार शुक्ला के रूप में हुई। आरोप है कि वह खुद को स्वास्थ्य विभाग का अनुभाग अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था और सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से पैसे लेता था।
अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।