Wednesday, July 22, 2026 04:26:07 AM

दिल्ली में नो पीयूसी नो फ्यूल नियम
दिल्ली सरकार ने 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम लागू किया, वाहनों के लिए सख्ती

दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम लागू करने का फैसला किया है। BS-VI से कम मानक वाले कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर भी रोक रहेगी।

दिल्ली सरकार ने नो puc नो फ्यूल नियम लागू किया वाहनों के लिए सख्ती
दिल्ली में नो पीयूसी नो फ्यूल नियम |

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में हर साल सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण और स्मॉग पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने "प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क" लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक विशेष नियम प्रभावी रहेंगे।

इस नए प्लान का सबसे बड़ा असर वाहन चालकों पर पड़ेगा। अगर आप दिल्ली में रोजाना अपनी कार या बाइक चलाते हैं, तो अब कुछ जरूरी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर आपको पेट्रोल पंप से ईंधन भी नहीं मिलेगा।

PUC सर्टिफिकेट नहीं, तो नहीं मिलेगा फ्यूल

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने "नो PUC, नो फ्यूल" नियम को सभी पेट्रोल पंपों पर सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है।

इसका मतलब साफ है कि यदि आपकी कार या बाइक के पास वैध Pollution Under Control (PUC) Certificate नहीं है, तो आपको किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा।

सरकार इस व्यवस्था को डिजिटल ट्रैकिंग और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों की मदद से लागू करेगी, ताकि अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके।

BS-VI से कम मानक वाले वाहनों की एंट्री पर रोक

दिल्ली के बाहर से आने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।

1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में बाहर से आने वाले उन सभी कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते।

हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी वाहन और इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह छूट दी गई है।

निर्माण कार्य और कचरा जलाने पर भी रहेगी कड़ी निगरानी

सर्दियों के दौरान दिल्ली में धूल और प्रदूषण कम करने के लिए बड़े निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ से जुड़े कामों पर भी कड़ा प्रतिबंध रहेगा।

इसके अलावा, खुले में कचरा या बायोमास जलाने वालों पर ड्रोन कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य इन उपायों के जरिए सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बेहतर हवा उपलब्ध कराना है।


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