सत्य निकेतन अभाविप प्रदर्शन |
सत्य निकेतन में पीजी भवन गिरने की घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने एमसीडी की कार्यप्रणाली और छात्र बहुल इलाकों में चल रहे पीजी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ता गेट से अंदर प्रवेश कर एमसीडी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से सत्य निकेतन हादसे में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
अभाविप का कहना है कि दिल्ली विश्वविद्यालय समेत राजधानी के कई शिक्षण संस्थानों में देशभर से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। बड़ी संख्या में छात्र निजी पीजी और किराये के मकानों में रहते हैं। ऐसे में इन भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और अन्य जरूरी मानकों की नियमित जांच प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पीजी भवनों के सुरक्षा ऑडिट की मांग
अभाविप ने सत्य निकेतन की घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार पीजी संचालकों और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
संगठन ने दिल्ली के सभी छात्र बहुल क्षेत्रों में संचालित पीजी और किराये के भवनों का तत्काल सुरक्षा एवं संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की। साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले भवनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
अभाविप ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई और जिम्मेदारी तय नहीं करता, संगठन विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाता रहेगा।
एमसीडी कमिश्नर के इस्तीफे की मांग
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर से तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की।
डॉ. सोलंकी ने देशवासियों से पीड़ितों के लिए प्रार्थना करने की अपील भी की।