Friday, August 14, 2026 09:18:31 AM

सीजेपी-सरकार वार्ता आज
सरकार को सीजेपी का अल्टीमेटम, धर्मेंद्र प्रधान पर आज चाहिए साफ जवाब

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच आज सीजेपी और सरकार की अहम बैठक होगी। सीजेपी ने दो मांगों पर लिखित आश्वासन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर साफ जवाब मांगा है।

सरकार को सीजेपी का अल्टीमेटम धर्मेंद्र प्रधान पर आज चाहिए साफ जवाब
सीजेपी-सरकार वार्ता आज |

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच आज संगठन के प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ अहम बैठक होनी है। बैठक से पहले सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जिन दो मांगों पर पहले सैद्धांतिक सहमति बनी थी, उन पर अब सरकार की ओर से लिखित पुष्टि मिलनी चाहिए।

आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार की ओर से आज दोपहर करीब 3:30 से 4 बजे के बीच बैठक का समय दिया गया है। हालांकि, बैठक का स्थान अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों मांगों पर लिखित आश्वासन मिलता है, तो बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

सीजेपी की सबसे बड़ी मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। रांका ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर साफ तौर पर 'हां' या 'ना' में जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि इस विषय पर अब ज्यादा चर्चा की गुंजाइश नहीं बची है। अगर सरकार इस्तीफे पर फैसला नहीं करती, तो ऐसी बैठकों का कोई मतलब नहीं रहेगा और संगठन अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।

उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी और इन मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। अब संगठन को उम्मीद है कि आज इन पर लिखित सहमति भी मिल जाएगी।

NTA के 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि इस फैसले की पूरी जानकारी देखना जरूरी है। हालांकि, उनका मानना है कि पेपर लीक और नीट मामले के बाद अंतिम जवाबदेही शिक्षा मंत्री की है, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग भी लगातार उठा रहा है।

वहीं, सोनम वांगचुक के वायरल वीडियो संदेश पर आशुतोष रांका ने कहा कि 26 दिनों तक भूख हड़ताल करने वाले व्यक्ति पर इस तरह सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्ति को ट्रोल करना सही नहीं है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की 'अन्ना पार्ट-2' और 'सरकार के साथ निजी डील' वाली टिप्पणी पर रांका ने कहा कि कांग्रेस की सोच क्या है, इस पर वह कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने इतना जरूर कहा कि बातचीत के दौरान यह मांग रखी गई थी कि किसी पर कानूनी कार्रवाई न हो और प्रभावित लोगों को मुआवजा मिले। उनके अनुसार, सोनम वांगचुक की नीयत पर सवाल उठाना उचित नहीं है।


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