दिल्ली सत्य निकेतन इमारत हादसा छात्र मलबे में दबे |
राजधानी दिल्ली में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बीच दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया। मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत में छात्रों का हॉस्टल चल रहा था और करीब 40 से 50 छात्रों के मौजूद होने की बात सामने आई है।
इमारत गिरने के बाद कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव टीम ने अब तक तीन छात्रों को मलबे से बाहर निकाल लिया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
मौके पर पहुंची दमकल और पुलिस की टीमें
इमारत गिरने की सूचना दोपहर करीब 1:33 बजे पुलिस और दमकल विभाग को मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। हालात को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया।
बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त उपकरण मौके पर मंगाए गए हैं। डीडीएमए और एनडीआरएफ को भी घटना की जानकारी दी गई है। राहत और बचाव का काम लगातार जारी है।
कई छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका
एक चश्मदीद के मुताबिक, गिरी हुई इमारत को 'हॉस्टल डेज़' बताया जा रहा है। यह पांच मंजिला इमारत थी और इसमें लड़कों के लिए पीजी चलाया जा रहा था। इसके पास की एक दूसरी इमारत के भी गिरने की बात सामने आई है।
चश्मदीद के अनुसार, कुछ छात्र अपने कमरों में थे और उनके मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, मलबे में फंसे छात्रों की सही संख्या अभी साफ नहीं है। यह जानकारी हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आसपास की इमारत खाली कराई गई
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस भीड़ को नियंत्रित कर रही है। एहतियात के तौर पर आसपास की एक इमारत को खाली करा लिया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने की हर संभव कोशिश की जा रही है। सभी संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।