स्वच्छ वायु दिवस दिल्ली |
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने मिलकर ‘नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु का अंतरराष्ट्रीय दिवस’ यानी ‘स्वच्छ वायु दिवस’ मनाया। इस मौके पर नई दिल्ली के सुभाष नगर स्थित एमसीडी पश्चिमी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को वायु गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ तरीकों को अपनाने के लिए जागरूक करना था। इस साल का मुख्य फोकस निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) स्थलों से होने वाले धूल प्रदूषण को कम करने और बायोमास जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता फैलाने पर रहा।
कार्यक्रम में वार्ड समिति के अध्यक्ष हरीश ओबेरॉय, एमसीडी पश्चिमी क्षेत्र के उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री, डीपीसीसी के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता संजय वत्स, डब्ल्यूआरआई इंडिया के क्लीन एयर प्रोग्राम के कार्यक्रम प्रबंधक संजर अली और पर्यावरण विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी रंजना शर्मा मौजूद रहीं। इसके अलावा एमसीडी के मेंटेनेंस, भवन और डीईएमएस विभागों के अभियंताओं ने भी हिस्सा लिया।
स्थानीय बिल्डरों, वास्तुकारों और सफाई कर्मचारियों की भागीदारी से यह संदेश दिया गया कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकारी विभागों के साथ स्थानीय समुदाय और अन्य संबंधित लोगों का सहयोग भी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाना और वायु गुणवत्ता में सुधार के साथ शहरी जैव-विविधता को बढ़ावा देना था। इसके अलावा विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और वायु प्रदूषण कम करने तथा पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने का संदेश देते हुए जागरूकता रैली निकाली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जोन अध्यक्ष हरीश ओबेरॉय ने कहा कि अपने आसपास की हवा को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण मजबूत करने और बायोमास जलाने को कम करने से लोगों के स्वास्थ्य और शहर के भविष्य की रक्षा की जा सकती है।
वहीं, उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार, उद्योग, स्थानीय समुदाय और नागरिकों को लगातार मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वच्छ आसमान के साथ स्वस्थ एवं हरित दिल्ली बनाने के लिए सभी हितधारकों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्वच्छ हवा को सभी की साझा जिम्मेदारी बताया।
अन्य गणमान्य लोगों ने भी निर्माण एवं विध्वंस स्थलों के बेहतर प्रबंधन और धूल उत्सर्जन पर नियंत्रण की जरूरत बताई। साथ ही बायोमास जलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि बायोमास जलाना मौसमी प्रदूषण बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण है।
कार्यक्रम में जनस्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ वायु से जुड़े नियमों का प्रभावी और सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई।