E20 से अंडा महंगा होने का दावा |
नेपाल के रसुवा इलाके में आई अचानक और तेज बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। कई इलाकों में सड़कें, पुल और घरों को नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इस आपदा के बाद भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में भी नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
अब नेपाल से आने वाले पानी का असर बिहार की गंडक नदी में दिखाई देने लगा है। पानी बढ़ने के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं, ताकि बढ़ते जल दबाव को नियंत्रित किया जा सके।
बिहार प्रशासन ने हालात को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। NDRF और SDRF की टीमें तैयार रखी गई हैं और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, गंडक नदी में पानी का बहाव तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि अभी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और खतरे को देखते हुए प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है।
सबसे ज्यादा निगरानी पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जैसे जिलों में रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी के तेज बहाव के कारण लोगों से किनारे से दूर रहने की अपील की गई है।
नेपाल से आने वाले पानी का बिहार पर कितना असर होगा, यह आने वाले कुछ घंटों में नदी के जलस्तर और पानी के बहाव पर निर्भर करेगा।
यानी नेपाल की बाढ़ के बाद अब बिहार में गंडक नदी पर हर किसी की नजर बनी हुई है।